सुल्तानपुर : गवाहों को मिली जान से मारने की धमकी, पुलिस सुरक्षा की हुई मांग
- सिविल मुकदमे के गवाहों को धमकी, स्थानीय पुलिस पर लगा निष्क्रियता का आरोप, एसीपी से की शिकायत
सुलतानपुर, अचल वार्ता। एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ दीवानी मुकदमों में गवाहों को जान से मारने की धमकी देने और मारपीट करने का आरोप लगा है। देवी प्रसाद जायसवाल नामक व्यक्ति ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर अपने और अपने बेटे की जान-माल की सुरक्षा की गुहार लगाई है। उन्होंने पुलिस पर भी निष्क्रियता का आरोप लगाया है। देवी प्रसाद जायसवाल के अनुसार, उनके दो दीवानी मुकदमे (सं. 477/17 और 1131/17) सुलतानपुर की दीवानी अदालत में विचाराधीन हैं। इन मुकदमों में देवी प्रसाद जायसवाल और उनके बेटे रोहित जायसवाल गवाह हैं। आरोप है कि विपक्षी जय नारायण, मनोज और राम कुमार ने रोहित जायसवाल को कई बार लात- घूसों और थप्पड़ों से पीटा, यहाँ तक कि चाकू से भी हमला किया। गवाहों को लगातार जान से मारने और अपशब्द कहने की धमकियाँ दी जा रही हैं।
शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी जय नारायण, मनोज और राम कुमार के खिलाफ थाना पीपरपुर में हत्या के प्रयास (धारा 307) के तीन मुकदमे दर्ज हैं। इसके अतिरिक्त, जय नारायण के खिलाफ धारा 25 के दो मामले, एक एससी/एसटी एक्ट का मुकदमा (सं. 130/15) और धारा 26 (हर्ष फायरिंग) का एक मामला न्यायालय में विचाराधीन है। जय नारायण के खिलाफ थाना को देहात में भी एक मुकदमा दर्ज है। देवी प्रसाद जायसवाल ने इस संबंध में 15 अक्टूबर 2025 को शिकायत संख्या 40017925037802 के तहत जिलाधिकारी को और 18 अक्टूबर 2025 को पुलिस अधीक्षक, सुलतानपुर को प्रार्थना पत्र दिया था।
उनका आरोप है कि थाना धम्मौर के अधिकारियों ने बिना किसी जाँच या उन्हें थाने बुलाए, केवल कागजी कार्रवाई कर प्रार्थना पत्र पर रिपोर्ट लगा दी और मामले को बंद कर दिया। जायसवाल ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए वर्णित तथ्यों का संज्ञान लिया जाए। उन्होंने गवाहों को मारने-पीटने, भड़काने, मरवा देने और उठवा ले जाने की धमकी देने के संबंध में एफआईआर दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई करने तथा अपने और अपने परिवार के सदस्यों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग हुई है।
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