OTA गया पासिंग आउट परेड: लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने युवा अधिकारियों को दिया “LEADER” कोड का संदेश
OTA गया में पासिंग आउट परेड के दौरान दक्षिणी कमान के GOC-in-C लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने नव नियुक्त अधिकारियों को LEADER कोड अपनाने की सलाह दी। कुल 281 कैडेट्स को भारतीय सेना में कमीशन मिला।
गया, अचल वार्ता। Officers Training Academy, Gaya में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ Lieutenant General Dhiraj Seth ने नव नियुक्त अधिकारियों को अपने सैन्य जीवन में नेतृत्व के मूल्यों को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने “LEADER” कोड को मार्गदर्शक सिद्धांत के रूप में अपनाने का आह्वान किया।
परेड की समीक्षा करते हुए लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने कहा कि जब युवा अधिकारी अपने सैन्य करियर की शुरुआत कर रहे हैं, तो उन्हें ऐसे स्थायी सिद्धांतों को अपनाना चाहिए जो उनके पूरे सैन्य जीवन में मार्गदर्शन करें।
“LEADER” कोड से मिलेगा नेतृत्व का मार्गदर्शन
लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने बताया कि LEADER शब्द में नेतृत्व के छह महत्वपूर्ण सिद्धांत समाहित हैं:
- Lead by Example – उदाहरण प्रस्तुत कर नेतृत्व करना
- Empathy – सहानुभूति
- Accountability – जवाबदेही
- Duty Before Self – स्वयं से पहले कर्तव्य
- Ethical Conduct – नैतिक आचरण
- Resilience – धैर्य और दृढ़ता
उन्होंने कहा कि Indian Army में सेवा शुरू करने जा रहे युवा अधिकारियों के चरित्र और आचरण में ये सिद्धांत हमेशा केंद्र में रहने चाहिए।
नेतृत्व का अर्थ केवल आदेश देना नहीं
लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने कहा कि वर्दी में नेतृत्व का अर्थ केवल आदेश देना नहीं, बल्कि अपने आचरण से उदाहरण प्रस्तुत करना है। एक सच्चा सैन्य नेता अपने सैनिकों की आकांक्षाओं और चुनौतियों को समझता है और हर परिस्थिति में ईमानदारी व नैतिकता बनाए रखता है।
उन्होंने कहा कि जवाबदेही से रैंकों के बीच विश्वास मजबूत होता है, जबकि दृढ़ता कमांडरों को युद्धक्षेत्र की चुनौतियों और अनिश्चितताओं से निपटने की क्षमता देती है।
281 कैडेट्स बने भारतीय सेना के अधिकारी
इस अवसर पर वे अकादमी में 64वीं शॉर्ट सर्विस कमीशन (टेक्निकल) एंट्री — पुरुष और 35वीं शॉर्ट सर्विस कमीशन (टेक्निकल) एंट्री — महिला के कैडेट्स की पासिंग आउट परेड की समीक्षा कर रहे थे।
समारोह के दौरान कुल 281 अधिकारी कैडेट्स को कमीशन प्रदान किया गया, जिनमें:
- SSC (Tech) पुरुष – 64 कोर्स: 253 कैडेट्स
- SSC (Tech) महिला – 35 कोर्स: 28 कैडेट्स
ये सभी कैडेट्स देश के विभिन्न क्षेत्रों और पृष्ठभूमियों से आते हैं, जो भारतीय सेना की समावेशी भर्ती नीति को दर्शाता है।
बदलते सुरक्षा माहौल में सेना की बड़ी जिम्मेदारी
नव नियुक्त अधिकारियों को बधाई देते हुए लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने कहा कि यह क्षण उनके प्रशिक्षणार्थी से कमीशंड अधिकारी बनने के महत्वपूर्ण परिवर्तन का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि युवा अधिकारी ऐसे समय में सशस्त्र बलों में शामिल हो रहे हैं जब वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा वातावरण तेजी से बदल रहा है। साइबर युद्ध और सूचना युद्ध जैसे नए आयाम भविष्य की चुनौतियों को और जटिल बना रहे हैं।
हाल के सैन्य अभियानों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर” जैसे मिशन यह दिखाते हैं कि भारत बहु-आयामी क्षमताओं और निरंतर तैयारी के माध्यम से त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया देने में सक्षम है।
2047 के विकसित भारत में सेना की भूमिका
लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने कहा कि वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ते समय देश को सुरक्षित और स्थिर वातावरण देना सशस्त्र बलों की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
युवा अधिकारियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा,
“आपके देश की सुरक्षा, सम्मान और कल्याण सबसे पहले है—हर समय और हर परिस्थिति में।”
उन्होंने सभी नव नियुक्त अधिकारियों से भारतीय सेना की सर्वोच्च परंपराओं को बनाए रखते हुए राष्ट्र सेवा के मार्ग पर आगे बढ़ने का आह्वान किया।
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