आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण पर उठे सवाल, विद्यालयों में अवैध वसूली से अभिभावक परेशान
मथुरा में एडेड और राजकीय विद्यालयों में कथित अवैध शुल्क वसूली को लेकर अभिभावकों ने नाराजगी जताई है। आईजीआरएस पर दर्ज शिकायतों के निस्तारण पर भी सवाल उठाए गए
मथुरा, अचल वार्ता। विद्यालयों में अवैध वसूली की पोर्टल पर दर्ज शिकायतों का गजव निराले ढंग से निस्तारण करने में माहिर हैं जिला विद्यालय निरीक्षक मथुरा कार्यालय। जानकार बताते है कि नवीन सत्र प्रारंभ हुए एक माह से अधिक गुजर चुका है लेकिन जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी से लेकर जिला विद्यालय निरीक्षक मथुरा ने एक भी एडेड, वित्त विहीन ओर राजकीय विद्यालय का निरीक्षण करना उचित नहीं समझा है ।
विधालयों से लगातार अवैध रूप से वसूली की लगातार शिकायतें की जा रही है कुछ शिकायतें पोर्टल पर दर्ज कराई गई है । एडेड, राजकीय में विद्यालयों में कक्षा 8 तक शुल्क माफ है उसके बाबजूद विद्यालयों द्वारा अवैध रूप से शुल्क लिया जा रहा है वही दूसरी ओर कक्षा 9 से 12 तक शासनादेश के अनुसार शुल्क 250 छमाही निर्धारित है जिसकी रसीद नियमनुसार विद्यालयों द्वारा विद्यार्थियों को देनी चाहिए और रसीद देने की पावती रिकॉर्ड में रखनी चाहिए उसका भी पालन शायद कोई विधालय कर रहा होगा। अधिकतर विद्यालयों में टी सी, नवीन प्रवेश के नाम पर 50 रुपए से लेकर 250 रुपये ताज लिए जा रहे हैं। किसी भी एडेड, राजकीय माध्यमिक विद्यालय में शासनादेश के अनुसार लिए जाने वाले शुल्क का विवरण विद्यालयों की दीवार पर प्रदर्शित नहीं किया गया है।
वही दूसरी ओर आईजीआरएस पोर्टल पर अवैध वसूली धन की मिली शिकायतों पर उचित निस्तारण न कर विभाग ने सार्वजनिक रूप से सभी शिकायतों का निस्तारण दिनांक 12/5/26 को पत्र निर्गत करके निस्तारण करते हुए अपनी मंसा को स्पष्ट कर दिया है जिससे विद्यालय संचालकों को खुली लुट करने का अधिकार प्राप्त हो गया है। जबकि कुछ दिनों पूर्व अपने सख्त रवैया के लिए जाने वाले सयुक्त शिक्षा निदेशक आगरा भी जिला विद्यालय निरीक्षक मथुरा कार्यालय को नहीं सुधार पा रहे हैं जिस प्रकार आगरा में ताबड़तोड़ एक्शन लेते हुए पटल सहायको के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की मथुरा में वह देखने को नहीं मिल रही हैं ।
अभिभावकों का कहना है कि यदि एडेड ओर राजकीय माध्यमिक विद्यालय शासनादेश के अनुसार लिया जाने वाले शुल्क को विद्यालय की दीवार पर पेंट से प्रदर्शित करने के आदेश संयुक्त शिक्षा निदेशक आगरा और जिला विद्यालय निरीक्षक मथुरा सभी प्रिंसिपलों को कर देते है तो कुछ रोकथाम हो सकती हैं जो विधालय दीवार पर प्रदर्शित नहीं करते है तो उन विद्यालय के प्रधानाचार्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
- आलोक तिवारी
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