जालोर गणपत सिंह हत्याकांड: 80 वर्षीय मां और पत्नी 8 दिन से भूख हड़ताल पर, 18 महीने बाद भी नहीं हुआ खुलासा
राजस्थान के जालोर में गणपत सिंह हत्याकांड को लेकर मृतक की 80 वर्षीय मां और पत्नी 8 दिन से भूख हड़ताल पर हैं। 18 महीने बाद भी मामले का खुलासा नहीं होने पर परिवार जिला कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठा है।
जालोर, अचल वार्ता। राजस्थान के जालोर जिले में करीब 18 महीने पुराने गणपत सिंह हत्याकांड को लेकर चल रहा धरना एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। जिला कलेक्ट्रेट के सामने न्याय की मांग को लेकर धरने पर बैठी मृतक की 80 वर्षीय मां हवा कंवर और 65 वर्षीय पत्नी भारती कंवर पिछले आठ दिनों से भूख हड़ताल पर हैं।
गुरुवार देर शाम इस मामले में नया घटनाक्रम सामने आया, जब पुलिस और मेडिकल टीम धरना स्थल पर पहुंची और भूख हड़ताल पर बैठी बुजुर्ग मां को अस्पताल में भर्ती कराने की कोशिश की। हालांकि परिजनों ने रात में अस्पताल जाने से इनकार कर दिया और सुबह जांच करवाने की बात कही।
18 महीने बाद भी नहीं हुआ हत्याकांड का खुलासा
गणपत सिंह की हत्या को करीब डेढ़ साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन अब तक इस मामले का खुलासा नहीं हो पाया है। इस कारण मृतक के परिजन लगातार न्याय की मांग कर रहे हैं।
परिवार का आरोप है कि पुलिस की जांच में अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। इसी वजह से वे कई बार धरना और विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं।
करीब दो महीने पहले भी मृतक की मां समेत पांच लोग नौ दिन तक भूख हड़ताल पर बैठे थे। उस समय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने जल्द खुलासा करने का आश्वासन दिया था, जिसके बाद धरना स्थगित कर दिया गया था।
लेकिन लंबे समय बीत जाने के बावजूद भी मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से परिजन एक बार फिर धरने पर बैठ गए हैं।
मां और पत्नी 8 दिन से भूख हड़ताल पर
न्याय की मांग को लेकर मृतक की मां हवा कंवर और पत्नी भारती कंवर पिछले आठ दिनों से भूख हड़ताल पर बैठी हैं।
उनके साथ मृतक के भाई अभय सिंह और कल्याण सिंह भी धरना स्थल पर मौजूद हैं और लगातार हत्याकांड के खुलासे की मांग कर रहे हैं।
परिवार का कहना है कि जब तक हत्यारों को गिरफ्तार नहीं किया जाता और मामले का खुलासा नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
विधानसभा में उठा मामला
इस पूरे मामले को लेकर शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने भी आवाज उठाई है। उन्होंने बुधवार को राजस्थान विधानसभा में गणपत सिंह हत्याकांड का मुद्दा उठाया और मामले में कार्रवाई की मांग की।
विधानसभा में मामला उठने के बाद प्रशासन भी सक्रिय नजर आया।
पुलिस और मेडिकल टीम पहुंची धरना स्थल
गुरुवार देर शाम डीएसपी गौतम जैन, कोतवाली थानाधिकारी रामेश्वर लाल भाटी, बड़ी संख्या में पुलिस बल, दो एम्बुलेंस और डॉक्टरों की टीम धरना स्थल पर पहुंची।
मेडिकल टीम में शामिल डॉ. विजय चौधरी ने बुजुर्ग महिला की तबीयत को देखते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी।
पुलिस और डॉक्टरों ने परिजनों से बातचीत कर समझाने की कोशिश की कि बुजुर्ग महिला की सेहत को देखते हुए उन्हें अस्पताल ले जाना जरूरी है।
रात में अस्पताल जाने से किया इनकार
हालांकि परिवार के लोगों ने रात में अस्पताल जाने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि मेडिकल रिपोर्ट सुबह ही आ गई थी, लेकिन पुलिस पूरे दिन नहीं आई और अब देर शाम दबाव बनाने के लिए पहुंची है।
परिजनों का कहना है कि वे सुबह जांच करवा लेंगे और जरूरत पड़ने पर ड्रिप भी लगवा देंगे, लेकिन रात में अस्पताल नहीं जाएंगे।
पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप
मृतक के भाई ने पुलिस पर आरोप लगाया कि वह अक्सर रात के समय बड़ी संख्या में पहुंचकर दबाव बनाने की कोशिश करती है।
उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन को वास्तव में चिंता थी तो वह दिन के समय भी आ सकता था। देर रात पहुंचकर इस तरह का दबाव बनाना उचित नहीं है।
करीब एक घंटे तक चली बातचीत के बाद भी जब परिजन अस्पताल जाने के लिए तैयार नहीं हुए तो पुलिस और मेडिकल टीम वापस लौट गई।
धरना अब भी जारी
फिलहाल जिला कलेक्ट्रेट के सामने धरना जारी है और मृतक की मां व पत्नी की भूख हड़ताल भी जारी है।
परिवार का कहना है कि जब तक गणपत सिंह हत्याकांड का खुलासा नहीं होगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
इस मामले ने एक बार फिर प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आखिर इस हत्याकांड का खुलासा कब होगा और परिवार को न्याय कब मिलेगा।
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