पिता और जनसेवक का फर्ज एक साथ निभाया: बेटी की विदाई के तुरंत बाद भिवाड़ी अग्निकांड के पीड़ितों को न्याय दिलाने विधानसभा पहुंचे टीकाराम जूली
राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बेटी की विदाई के तुरंत बाद भिवाड़ी अग्निकांड का मुद्दा उठाया, वहीं उप नेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा ने बजट 2026-27 पर सरकार को घेरा।
जयपुर, अचल वार्ता। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने जनसेवा और संवैधानिक कर्तव्य की एक प्रेरक मिसाल पेश की। रविवार रात्रि को उनकी सुपुत्री वर्षा का विवाह संपन्न हुआ और सोमवार को बेटी की विदाई थी। पारिवारिक और भावनात्मक क्षणों के बीच भी उन्होंने जनहित को प्राथमिकता देते हुए सीधे राजस्थान विधानसभा पहुंचकर सदन की कार्यवाही में भाग लिया।
भिवाड़ी अग्निकांड पर जताया शोक, सरकार से जवाबदेही की मांग
सदन में उपस्थित होते ही नेता प्रतिपक्ष ने भिवाड़ी में हुई फैक्ट्री अग्निकांड की घटना को ‘पॉइंट ऑफ इंफॉर्मेशन’ के माध्यम से जोरदार ढंग से उठाया। उन्होंने इस हादसे में सात लोगों की अकाल मृत्यु पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए इसे प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम बताया।
मृतकों को मुआवजा, घायलों को बेहतर इलाज की मांग
टीकाराम जूली ने सरकार से मांग की कि—
- मृतकों के परिजनों को तत्काल उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए
- घायलों को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए
- दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो
निजी दायित्वों से ऊपर जनहित
नेता प्रतिपक्ष ने न केवल सदन में यह मुद्दा उठाया, बल्कि स्पीकर चैंबर में आयोजित कार्य सलाहकार समिति (BAC) की बैठक में भी भाग लिया।
उन्होंने कहा—
“बेटी की विदाई हर पिता के लिए सबसे भावुक क्षण होता है, लेकिन एक जनप्रतिनिधि के रूप में मेरा पहला धर्म उन परिवारों के साथ खड़ा होना है जिन्होंने इस हादसे में अपने प्रियजनों को खोया है।”
बजट 2026-27 पर सरकार को घेरते दिखे उप नेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा
आय-व्ययक अनुमान वर्ष 2026-27 के बजट पर सामान्य वाद-विवाद के दौरान उप नेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा ने सरकार को कई अहम मुद्दों पर घेरा।
उन्होंने कहा कि बजट केवल आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि राज्य के भविष्य की दिशा तय करने वाला रोडमैप होता है।
स्थगन प्रस्ताव से उठाए जनसमस्याओं के मुद्दे
रामकेश मीणा ने पेयजल संकट, सड़क निर्माण, शिक्षा-स्वास्थ्य सेवाओं, किसानों की समस्याओं और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से सदन में मजबूती से उठाया।
उन्होंने बजट घोषणाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन और विकास योजनाओं में भेदभाव समाप्त करने की मांग की।
‘माफिया बख्शे नहीं जाएंगे’ — किरोड़ी लाल मीणा
विधानसभा में तीखा बयान देते हुए किरोड़ी लाल मीणा ने कहा
“यह किसानों के पसीने की कमाई पर डाका है। रावला थाने में FIR दर्ज कराई जा चुकी है और अब SOG मामले की जड़ों तक जाएगी। किसी भी दोषी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।”
इस मुद्दे पर उप नेता प्रतिपक्ष रामकेश मीणा सहित विपक्ष के कई सदस्यों ने सरकार का समर्थन करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की।
विधानसभा में तेज हुई राजनीतिक हलचल
नेता प्रतिपक्ष और उप नेता प्रतिपक्ष के तीखे तेवरों से विधानसभा में बजट और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार-विपक्ष के बीच बहस और तेज हो गई है। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि सरकार इन मुद्दों पर क्या ठोस कदम उठाती है।
- ब्यूरो रिपोर्ट
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