होली बाद बदले जाएंगे मैदानी अफसर, 15 से ज्यादा जिलों के कलेक्टरों का तबादला तय
मध्यप्रदेश में होली के बाद बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी है। 15 से ज्यादा जिलों के कलेक्टरों के तबादले तय माने जा रहे हैं। परफॉर्मेंस रिपोर्ट और भ्रष्टाचार शिकायतों के आधार पर कार्रवाई होगी।
मप्र में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी, खराब रिपोर्ट वालों पर गिरेगी गाज
भोपाल, अचल वार्ता। मध्यप्रदेश में होली के बाद बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल की तैयारी शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार राज्य सरकार मैदानी अफसरों की तबादला सूची जल्द जारी कर सकती है, जिसमें एक दर्जन से अधिक जिलों के कलेक्टरों को बदले जाने की संभावना है।
परफॉर्मेंस रिपोर्ट के आधार पर होंगे तबादले
सूत्रों का कहना है कि अनुराग जैन ने हाल ही में हुई कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस के बाद अधिकारियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार करवा ली है। इसी रिपोर्ट के आधार पर सरकार बड़े प्रशासनिक बदलाव की तैयारी में है।
इन जिलों के कलेक्टर बदले जाने की संभावना
प्रस्तावित तबादलों में
- भोपाल
- धार
- रीवा
- ग्वालियर
- मैहर
- नर्मदापुरम
- झाबुआ
जैसे जिलों के कलेक्टर शामिल बताए जा रहे हैं। इनमें कुछ महिला कलेक्टर भी शामिल हो सकती हैं। इसके साथ ही 2017 बैच के आईएएस अधिकारियों को पहली बार कलेक्टर बनाए जाने का सिलसिला भी शुरू होने की संभावना है।
संभागायुक्त स्तर पर भी बदलाव संभव
सूत्रों के अनुसार, इस प्रशासनिक फेरबदल में भोपाल, ग्वालियर और रीवा संभाग के संभागायुक्तों को भी बदला जा सकता है। भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को सचिव पद पर पदोन्नति मिल चुकी है। उन्हें भोपाल संभागायुक्त बनाए जाने या मुख्यमंत्री कार्यालय में वापसी की अटकलें हैं।
एसआईआर पूरा होने के बाद खुला रास्ता
दरअसल, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य के चलते अक्टूबर से कलेक्टरों के तबादलों पर अघोषित रोक लगी हुई थी। 21 फरवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होने के बाद यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। विधानसभा का बजट सत्र 6 मार्च को समाप्त होगा, जिसके बाद तबादलों का रास्ता साफ हो गया है।
खराब रिपोर्ट और भ्रष्टाचार शिकायतों पर कार्रवाई
सरकार उन कलेक्टरों पर सख्त रुख अपनाने जा रही है, जिनकी कार्यप्रणाली को लेकर रिपोर्ट संतोषजनक नहीं पाई गई है। डॉ. मोहन यादव द्वारा दिए गए निर्देशों के पालन की समीक्षा के बाद यह रिपोर्ट तैयार की गई है। कई अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायतें भी शासन तक पहुंची हैं।
कलेक्टर ही नहीं, अपर कलेक्टर भी बदलेंगे
सूत्र बताते हैं कि इस फेरबदल में ढाई साल से अधिक समय से एक ही जिले में पदस्थ कलेक्टर, अपर कलेक्टर स्तर के अधिकारी भी शामिल होंगे। साथ ही मंत्रालय स्तर पर भी कुछ सचिवों को नए दायित्व सौंपे जा सकते हैं।
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