अम्बेडकर नगर: मरहरा में हैंडपंप कम, ‘भुगतान पंप’ ज्यादा!
- रिबोर और मरम्मत के नाम पर लाखों रुपये खर्च, ग्रामीणों ने उठाए सवाल
भियांव/अम्बेडकरनगर, अचल वार्ता। विकास खंड भियांव की ग्राम पंचायत मरहरा इन दिनों पेयजल समस्या से अधिक हैंडपंप मरम्मत और रिबोर कार्यों में हुए कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर चर्चा में है। ग्रामीणों का आरोप है कि “मेरी पंचायत” पोर्टल पर हैंडपंप मरम्मत और रिबोर के नाम पर लाखों रुपये का भुगतान दर्शाया गया है, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति अलग दिखाई दे रही है। ग्रामीणों के अनुसार पोर्टल पर उपलब्ध भुगतान विवरण से पता चलता है कि फरवरी 2026 तथा जून 2026 में हैंडपंप मरम्मत और रिबोर कार्यों के नाम पर लगभग दो लाख रुपये का भुगतान किया गया। हालांकि ग्रामीणों का दावा है कि जिन हैंडपंपों के नाम पर भुगतान किया गया है, उनमें से कई हैंडपंप ग्राम पंचायत में मौजूद ही नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में विकास कार्यों की तुलना में भुगतान संबंधी कार्य अधिक तेजी से किए गए।
मामले को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ ग्रामीणों ने व्यंग्य करते हुए कहा कि अब गांव में पानी से पहले उन हैंडपंपों की तलाश करनी पड़ेगी, जिनकी मरम्मत का भुगतान हो चुका है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कुछ पुराने कार्यों को नया दर्शाकर भी भुगतान किया गया है। उनका कहना है कि यदि “मेरी पंचायत” पोर्टल पर दर्ज कार्यों और वास्तविक स्थिति का मिलान कराया जाए तो कई अनियमितताएं सामने आ सकती हैं।
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्ति की ओर बढ़ने के बीच गांव में यह चर्चा भी तेज है कि शेष बजट को तेजी से खर्च दिखाया जा रहा है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराए जाने की मांग की है।
इस संबंध में ग्रामीणों ने मुख्य विकास अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी तथा विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब सभी भुगतान और कार्यों का विवरण ऑनलाइन उपलब्ध है, तब संबंधित अधिकारियों द्वारा नियमित जांच क्यों नहीं की जा रही है।
फिलहाल मरहरा गांव में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर वास्तविक स्थिति सामने लाई जाएगी।
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