अम्बेडकर नगर: नाली में पानी कम, भ्रष्टाचार ज्यादा!” कटेहरी में विकास नहीं, ‘विलास’ बह रहा है
शाहपुर परासी की नाली बनी ‘कमाई योजना’, ग्रामीण बोले , ईंट पुरानी, खेल नया!
कटेहरी/अंबेडकरनगर, अचल वार्ता। कटेहरी विकासखंड के अशरफपुर बरवा स्थित शाहपुर परासी गांव में इन दिनों नाली निर्माण कम और “नोटों की निकासी” ज्यादा दिखाई दे रही है। गांव वालों का कहना है कि यहां विकास कार्य नहीं, बल्कि “भ्रष्टाचार का प्रैक्टिकल” चल रहा है।
ग्राम पंचायत द्वारा कराए जा रहे नाली निर्माण कार्य में ऐसी ईंटें लगाई जा रही हैं जिन्हें देखकर लगता है कि वे भी रिटायरमेंट लेकर आराम करना चाहती थीं, लेकिन उन्हें फिर से ड्यूटी पर बुला लिया गया! टूटी-फूटी पुरानी ईंटों और नाम मात्र के सीमेंट से बनाई जा रही नाली को देखकर ग्रामीणों ने तंज कसते हुए कहा —
“ये नाली नहीं, प्रधान और सचिव की बचत योजना है!”स्थानीय लोगों का आरोप है कि कार्य में जमकर घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। सीमेंट इतना कम डाला जा रहा है कि मसाला खुद पूछ रहा होगा —
“भाई, मैं हूं भी या सिर्फ दिखावे के लिए बुलाया गया हूं ग्रामीणों का कहना है कि बारिश आई नहीं और नाली के “बहने” से पहले ही सरकारी पैसा बह गया। लोगों का दावा है कि यह निर्माण एक मौसम भी नहीं झेल पाएगा।
ग्रामीणों के सवाल — जवाब कौन देगा?
BDO साहब निरीक्षण पर गए हैं या “निरीक्षण की कल्पना” कर रहे हैं? JE साहब की नजर गुणवत्ता पर है या सिर्फ फाइलों पर पंचायत सचिव और प्रधान पर कार्रवाई कब होगी?
क्या ब्लॉक स्तर तक “मिलीभगत की पाइपलाइन” बिछ चुकी है?
गांव वालों का आरोप है कि कटेहरी ब्लॉक में कई पंचायतों में इसी तरह “विकास” का काम चल रहा है, जहां सड़क बनने से पहले बजट गायब हो जाता है और नाली बनने से पहले गुणवत्ता दम तोड़ देती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि
- शाहपुर परासी नाली निर्माण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।
- प्रधान और पंचायत सचिव के खिलाफ FIR दर्ज हो।
दोषी अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को निलंबित किया जाए। BDO और JE की भूमिका की भी जांच हो। अब देखना यह है कि प्रशासन इस “नाली कांड” में कार्रवाई करता है या फिर फाइलों में ही विकास की नाव तैरती रहेगी। क्योंकि फिलहाल गांव में चर्चा यही है —“कटेहरी में नाली कम, घोटाले की धार ज्यादा बह रही है!
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