UP में प्रीपेड स्मार्ट मीटर बने परेशानी का कारण, निगेटिव बैलेंस से कट रही बिजली, उपभोक्ता परेशान
उत्तर प्रदेश में प्रीपेड स्मार्ट मीटर व्यवस्था से उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। लखनऊ, वाराणसी, कानपुर सहित कई जिलों में निगेटिव बैलेंस के कारण बिना सूचना बिजली कट रही है और भुगतान के बाद भी 24–72 घंटे में आपूर्ति बहाल हो रही है।
लखनऊ, वाराणसी, कानपुर समेत कई जिलों में शिकायतें बढ़ीं, भुगतान के बाद भी 24–72 घंटे में जुड़ रही बिजली
लखनऊ, अचल वार्ता । उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग द्वारा लगाए जा रहे प्रीपेड स्मार्ट मीटर अब कई उपभोक्ताओं के लिए बड़ी परेशानी बनते जा रहे हैं। प्रदेश के कई जिलों में उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि निगेटिव बैलेंस होते ही बिना किसी चेतावनी के बिजली काट दी जा रही है, जबकि बिल जमा करने के बाद भी 24 से 72 घंटे तक बिजली बहाल नहीं हो पा रही है।
राजधानी लखनऊ, वाराणसी, कानपुर, गोरखपुर, बरेली, अलीगढ़, हरदोई, बाराबंकी, लखीमपुर, अमेठी, सुलतानपुर और अंबेडकरनगर सहित कई जिलों में हजारों उपभोक्ता इस समस्या से जूझ रहे हैं। तकनीकी खामियों और सूचना के अभाव के कारण कई लोग घंटों और कई बार दिनों तक अंधेरे में रहने को मजबूर हैं।
बिना सूचना प्रीपेड में बदले जा रहे मीटर
उपभोक्ताओं का आरोप है कि कई जगह बिना पूर्व सूचना के पुराने मीटर को प्रीपेड स्मार्ट मीटर में बदल दिया गया, जिससे अचानक बिजली कटने की समस्या सामने आ रही है।
अमेठी, सुलतानपुर और अंबेडकरनगर में उपभोक्ताओं का कहना है कि जब तक यूपीपीसीएल के खाते में भुगतान अपडेट नहीं दिखता, तब तक घंटों बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होती।
ऑनलाइन भुगतान के बावजूद सर्वर की देरी
अयोध्या समेत कई जिलों में उपभोक्ताओं ने बताया कि ऑनलाइन भुगतान करने के बावजूद सर्वर अपडेट में देरी होने के कारण बिजली कट जाती है। विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं को अपने पंजीकृत मोबाइल और एप पर लगातार नजर रखनी होगी, क्योंकि निगेटिव बैलेंस होते ही सिस्टम स्वतः बिजली आपूर्ति बंद कर देता है।
ऑटो रिकनेक्ट व्यवस्था भी फेल
गोरखपुर में लगभग 2.20 लाख उपभोक्ताओं के स्मार्ट मीटर प्रीपेड मोड पर चल रहे हैं, लेकिन यहां ऑटो रिकनेक्ट की व्यवस्था कई क्षेत्रों में काम नहीं कर रही है। नेटवर्क समस्या के कारण अभियंताओं को अब भी भुगतान की रसीद देखकर संबंधित एजेंसी को मेल भेजना पड़ रहा है।
वाराणसी में टोल-फ्री नंबर 1912 भी नहीं मिलता
वाराणसी में करीब 8.5 लाख बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें से 1.10 लाख मीटर प्रीपेड हो चुके हैं। यहां उपभोक्ताओं का आरोप है कि अचानक बैलेंस शून्य दिखाकर बिजली काट दी जाती है और शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर 1912 भी आसानी से कनेक्ट नहीं होता।
कानपुर में बिजली जोड़ने में लग रहे 72 घंटे
कानपुर में लगभग 1.5 लाख प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। यहां कई मामलों में बिल जमा करने के बाद भी 24 से 72 घंटे तक बिजली बहाल नहीं हो रही है। ऐसी ही शिकायतें फतेहपुर और बुंदेलखंड के अन्य जिलों से भी सामने आई हैं।
अधिकारियों पर भी कार्रवाई
स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों के बीच अलीगढ़ के चीफ इंजीनियर पंकज अग्रवाल को 25 मार्च को निलंबित कर दिया गया था, जिससे यह मामला और चर्चा में आ गया है।
प्रीपेड स्मार्ट मीटर से जुड़ी प्रमुख समस्याएं
- बिल जमा करने के बाद भी 24–72 घंटे में बिजली बहाल हो रही है।
- उपभोक्ताओं को प्रीपेड मीटर में बदलाव की पहले से सूचना नहीं दी जा रही।
- टोल-फ्री नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज कराना मुश्किल।
- भुगतान के बाद भी पोर्टल पर अतिरिक्त बकाया दिख रहा है।
- बिना मैसेज या चेतावनी के बिजली कनेक्शन काटे जा रहे हैं।
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