पौड़ी गढ़वाल: राज्यपाल ने सैनिकों और वीर नारियों को सम्मानित किया
उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने लैंसडाउन में सैनिक सम्मेलन में भाग लेकर सैनिकों का उत्साहवर्धन किया, वीर नारियों को सम्मानित किया और विकास कार्यों की समीक्षा की।
पौड़ी गढ़वाल, अचल वार्ता। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने अपने दो दिवसीय लैंसडाउन प्रवास के दूसरे दिन विभिन्न कार्यक्रमों में प्रतिभाग करते हुए सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं अधिकारियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने सैनिक सम्मेलन में शामिल होकर सैनिकों का उत्साहवर्धन किया तथा जनपद में संचालित विकास कार्यों एवं योजनाओं की समीक्षा भी की।
राज्यपाल ने कार्यक्रम की शुरुआत वॉर मेमोरियल पहुंचकर की, जहां उन्होंने राष्ट्र की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इसके उपरांत वे सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं उनके परिजनों के साथ आयोजित सैनिक सम्मेलन में शामिल हुए। सम्मेलन में वीर माताओं, वीर नारियों एवं सैन्य परिवारों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को भावनात्मक एवं गौरवपूर्ण स्वरूप प्रदान किया। राज्यपाल द्वारा गढ़वाल राइफल्स केंद्र को उत्कृष्ट योगदान एवं गौरवशाली सैन्य परंपराओं के सम्मान स्वरूप विशेष ट्रॉफी प्रदान की गयी।
इस अवसर पर राज्यपाल ने गढ़वाल राइफल्स की वीरता, अनुशासन एवं राष्ट्र सेवा की भावना की सराहना करते हुए कहा कि यह रेजिमेंट देश की सुरक्षा, शौर्य और बलिदान की अमिट पहचान रही है। उन्होंने कहा कि गढ़वाल राइफल्स ने विपरीत परिस्थितियों में भी अदम्य साहस और समर्पण का परिचय देते हुए राष्ट्र की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। कार्यक्रम के दौरान गढ़वाल राइफल्स की ओर से राष्ट्र रक्षा में सर्वस्व बलिदान करने वाले वीर शहीदों की वीर नारियों को सम्मानित किया गया। जैसे ही वीर नारियां मंच पर पहुंचीं, पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। उपस्थित सैनिकों, पूर्व सैनिकों एवं नागरिकों ने खड़े होकर उनका सम्मान किया। यह दृश्य अत्यंत भावुक एवं गौरवपूर्ण रहा, जिसने सभी को राष्ट्र सेवा और बलिदान की भावना से अभिभूत कर दिया। राज्यपाल ने वीर नारियों को राष्ट्र की शक्ति और सम्मान का प्रतीक बताते हुए कहा कि सैनिकों के त्याग और बलिदान के पीछे उनके परिवारों, विशेष रूप से वीर नारियों का अद्वितीय साहस और धैर्य होता है। उन्होंने कहा कि देश सदैव शहीदों के बलिदान और उनके परिवारों के योगदान का ऋणी रहेगा। सैनिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि आज का दिन उनके लिए अत्यंत आत्मिक एवं सौभाग्यपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा कि सेना में बिताए उनके 40 वर्षों का अनुभव भगवान बद्री विशाल की कृपा एवं आशीर्वाद का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सैनिक जीवन अनुशासन, समर्पण एवं राष्ट्रभक्ति का सर्वोच्च उदाहरण है और भारतीय सेना सदैव देश की सुरक्षा एवं गौरव की प्रतीक रही है।
राज्यपाल ने कहा कि उत्तराखंड वीर सैनिकों की भूमि है, जहां लगभग प्रत्येक परिवार का सेना से जुड़ाव रहा है। यहां के युवाओं के भीतर राष्ट्र सेवा की भावना जन्मजात होती है और उनका हृदय सदैव राष्ट्र सुरक्षा के लिए धड़कता है। उन्होंने कहा कि 139 वर्ष पूर्ण कर चुकी गढ़वाल राइफल्स रेजिमेंट देश के लिए गौरव का विषय है तथा इस सैन्य केंद्र ने देश के चरित्र निर्माण, अनुशासन एवं राष्ट्र सेवा की भावना को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है।
सम्मेलन के दौरान सेंटर के कमांडेंट ब्रिगेडियर विनोद नेगी ने राज्यपाल का आभार व्यक्त करते हुए उनके स्नेह, आशीर्वाद एवं गढ़वाल राइफल्स के प्रति विशेष लगाव के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का सैनिकों एवं सैन्य परिवारों के प्रति आत्मीय जुड़ाव जवानों के मनोबल को और अधिक मजबूत करता है। उनके प्रेरणादायी शब्दों एवं मार्गदर्शन से सैनिकों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है। ब्रिगेडियर नेगी ने कहा कि राज्यपाल के स्नेह एवं प्रोत्साहन से जवान और अधिक समर्पण, अनुशासन एवं पूर्ण कर्तव्यनिष्ठा के साथ राष्ट्र सेवा में अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। इससे पूर्व देर शाम राज्यपाल ने जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ विकास कार्यों की समीक्षा बैठक भी की।
बैठक में जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने राज्यपाल को जनपद में संचालित एवं प्रस्तावित विभिन्न विकास योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने पालकोट में प्रस्तावित एडवेंचर पार्क, लैंसडाउन पेयजल योजना, निर्माणाधीन गुमखाल-सतपुली सड़क मार्ग, विज्ञान संग्रहालय, राहु मंदिर, प्रेरणा कोचिंग, नयार वैली फेस्टिवल, गंगा संस्कृति केंद्र, हेरिटेज म्यूजियम, राहु मंदिर के सौंदर्यीकरण कार्य, मोहनचट्टी में निर्माणाधीन आयुर्वेदिक विलेज तथा धारी देवी मंदिर के प्रकाशीकरण सहित विभिन्न योजनाओं एवं पर्यटन विकास कार्यों की जानकारी प्रस्तुत की।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवंत ने राज्यपाल को स्वरोजगार एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने हेतु संचालित विभिन्न व्यवसायिक मॉडलों की जानकारी दी। उन्होंने गोट वैली, दुग्ध फार्मिंग, चिकन लेयर फार्मिंग, ग्रोथ सेंटर, हर्बल चाय यूनिट, मसाला यूनिट, होमस्टे, हर्बल गार्डन तथा पीरूल यूनिट जैसी योजनाओं के माध्यम से स्थानीय लोगों को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने के प्रयासों से अवगत कराया। इसके अतिरिक्त वन, पुलिस, चिकित्सा एवं अन्य विभागों के अधिकारियों ने भी अपने-अपने विभागों की प्रमुख पहलों, नवाचारों एवं विकास कार्यों की जानकारी राज्यपाल को दी।
राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि जिला पुस्तकालय की तर्ज पर लैंसडाउन में भी एक आधुनिक एवं सुविधायुक्त पुस्तकालय विकसित किया जाए, जिससे युवाओं एवं विद्यार्थियों को अध्ययन एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहायता मिल सके। उन्होंने कैंट क्षेत्र की तीनों झीलों में ट्राउट मछली संवर्धन की संभावनाओं पर कार्य करने के निर्देश भी दिए।
राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय जिला प्रशासन एवं सैन्य प्रशासन के बेहतर समन्वय और फ्यूजन का है। दोनों व्यवस्थाओं के संयुक्त प्रयासों से क्षेत्रीय विकास, पर्यटन संवर्धन एवं जनकल्याण के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। उन्होंने लैंसडाउन की पर्यटक धारण क्षमता की जानकारी लेते हुए पर्यटन विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने सैनिकों एवं युवाओं को वर्तमान समय की चुनौतियों के अनुरूप साइबर क्राइम एवं आधुनिक तकनीकी के प्रति जागरूक किए जाने पर भी विशेष बल दिया। राज्यपाल ने कहा कि बदलते समय में तकनीकी जागरूकता और साइबर सुरक्षा अत्यंत आवश्यक हो गई है तथा इस दिशा में सैन्य एवं नागरिक समाज दोनों को मिलकर कार्य करना होगा।
इस अवसर पर सेंटर सूबेदार मेजर नंद किशोर सहित सेवारत सैनिक, भूतपूर्व सैनिक, वीर माताएं तथा वीर नारियां एवं समीक्षा बैठक में डीएफओ कालागढ़ एस तरुण, एएसपी मनोज कुमार ठाकुर, सीओ कोटद्वार निहारिका सेमवाल, सीएमओ शिव मोहन शुक्ला, उपजिलाधिकारी शालिनी मौर्य, बीडीओ रवि सैनी, अधिशासी अभियंता लोनिवि लैंसडाउन विवेक कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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