पिथौरागढ़ : अब सालभर होंगे आदि कैलाश के दर्शन
पिथौरागढ़, अचल वार्ता । मुख्यमंत्री धामी की दूरदर्शी पहल से वर्षभर होंगे आदि कैलाश के दर्शन, जनभावनाओं का सम्मान करते हुए 12 माह यात्रा संचालन की तैयारी शुरू। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में श्रद्धालुओं की आस्था, जनभावनाओं तथा पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रतिकूल मौसम एवं आकस्मिक परिस्थितियों को छोड़कर आदि कैलाश यात्रा वर्षभर संचालित किए जाने की दिशा में जिला प्रशासन ने तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी श्री आशीष भटगांई ने संबंधित विभागों को व्यापक एवं समन्वित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंशा के अनुरूप जनभावनाओं और देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की आकांक्षाओं का सम्मान करते हुए आदि कैलाश यात्रा को अधिक सुगम, व्यवस्थित और सर्वसुलभ बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के साथ-साथ आदि कैलाश यात्रा का भी प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे सीमांत जनपद पिथौरागढ़ धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा। आदि कैलाश यात्रा की व्यवस्था इस प्रकार से की जाएगी, जिससे कैलाश मानसरोवर यात्रा भी प्रभावित नहीं होगी बल्कि दोनों यात्राएं व्यवस्थित रूप से चल सकेंगी।
उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि यात्रा के सफल संचालन के लिए सड़क, पेयजल, विद्युत, संचार, स्वास्थ्य, सुरक्षा, पार्किंग, स्वच्छता, आवास, भोजन, आपदा प्रबंधन तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का विस्तृत खाका तैयार करते हुए समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सहज एवं बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएं।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रतिकूल मौसम और अन्य आकस्मिक परिस्थितियों को छोड़कर वर्षभर यात्रा संचालन से जनपद में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी। होटल, होमस्टे, परिवहन, स्थानीय व्यापार, हस्तशिल्प, पर्यटन व्यवसाय तथा अन्य सेवा क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे सीमांत क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए आजीविका के नए द्वार खुलेंगे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में धार्मिक पर्यटन को सुदृढ़ बनाने की दिशा में लगातार प्रभावी पहल की जा रही है। वर्षभर आदि कैलाश यात्रा का संचालन इसी श्रृंखला का महत्वपूर्ण कदम है, जो श्रद्धालुओं की सुविधा, स्थानीय जनहित तथा सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।
गौरतलब है कि अक्टूबर 2023 में मा0 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदि कैलाश भ्रमण के बाद इस क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि हुई है। प्रधानमंत्री के भ्रमण से पूर्व जहां पर्यटकों की संख्या महज कुछ हजार तक ही सीमित थी, वहीं उनके आने के पश्चात आंकड़ा 50 हजार से अधिक पहुंच गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार आदि कैलाश यात्रा हेतु वर्ष 2026 में अभी तक 52442 इनर लाइन परमिट जारी किए जा चुके हैं। वर्ष 2025 व 2024 में क्रमशः 36526 तथा 29352 इनर लाइन परमिट जारी किए गए थे। वहीं वर्ष 2023 में महज 10025 इनर लाइन परमिट ही जारी हुए थे।
प्रधानमंत्री के दौरे के बाद स्थानीय लोगों की रोजगार की गतिविधियों में भी भारी वृद्धि देखने को मिली है। इस क्षेत्र में होम स्टे में हुई वृद्धि से यहां के लोगों को आजीविका का सशक्त माध्यम मिला है। विकासखंड धारचूला के विभिन्न क्षेत्रों यथा दारमा, व्यास एवं चौदास घाटी क्षेत्र में 550 से अधिक होम स्टे बनकर तैयार हो गए हैं। इन होम स्टे के माध्यम से जहां पर्यटकों को रुकने और भोजन की सुविधाएं उपलब्ध हो रही हैं, तो वहीं दूसरी ओर स्थानीय लोगों की आजीविका में भी वृद्धि हुई है। स्थानीय लोग आर्थिक रूप से सशक्त बनकर पर्यटन की अन्य गतिविधियों में भी रुचि ले रहे हैं।
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