जौनपुर : राष्ट्र निर्माण की नींव युवाओं के संस्कार और अनुशासन में निहित : सुनील आंबेकर

जौनपुर के पूर्वांचल विश्वविद्यालय में राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका विषय पर आरएसएस का युवा संवाद आयोजित हुआ। सुनील आंबेकर और कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने युवाओं को संबोधित किया।

Jan 19, 2026 - 20:36
Jan 26, 2026 - 22:02
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जौनपुर : राष्ट्र निर्माण की नींव युवाओं के संस्कार और अनुशासन में निहित : सुनील आंबेकर

युवा शक्ति को सही दिशा देने के लिए मूल्यबोध आवश्यक : कुलपति प्रो. वंदना सिंह

जौनपुर, अचल वार्ता। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के संगोष्ठी भवन में “राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका” विषय पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा युवा संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संघ की 100 वर्षों की प्रेरक यात्रा को दर्शाती एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसे विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक देखा।

  कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि राष्ट्र निर्माण की नींव युवाओं के संस्कार, अनुशासन और निरंतर अभ्यास में निहित होती है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद, विज्ञान और योग जैसी भारतीय परंपराएँ मानव सभ्यता की प्राचीन धरोहर हैं, जिन्हें आज 21वीं सदी में पूरा विश्व स्वीकार कर रहा है। योग हजारों वर्ष पुराना होते हुए भी आज विकसित देशों की आवश्यकता बन चुका है, जो भारत की वैश्विक सोच और सांस्कृतिक चेतना का प्रमाण है।

  सुनील आंबेकर ने कहा कि अच्छा नागरिक और राष्ट्र के लिए उपयोगी व्यक्ति बनने की प्रक्रिया बचपन से ही प्रारंभ हो जाती है। कोई भी व्यक्ति अचानक महान नहीं बनता, बल्कि इसके लिए निरंतर अभ्यास, आत्मअनुशासन और संस्कार आवश्यक हैं। उन्होंने युवाओं की उस धारणा पर भी विचार रखा कि “मैं अकेला सही बनकर क्या कर लूँगा”, और कहा कि इतिहास साक्षी है कि जब एक व्यक्ति सही मार्ग पर चलता है, तो वही मार्ग आगे चलकर समाज का पथ बन जाता है।

  उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने स्थापना के सौ वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने हेतु पाँच प्रमुख आयामों पर कार्य कर रहा है—

  सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण, कुटुंब प्रबोधन, स्वदेशी भाव का जागरण तथा नागरिक कर्तव्यों का बोध।

  कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्वांचल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि आज का युवा ऊर्जावान, तेजस्वी और नवाचार से परिपूर्ण है। लेकिन युवा शक्ति को सही दिशा देने के लिए मूल्यबोध और उद्देश्य अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि जब जीवन का लक्ष्य केवल “स्व” तक सीमित रहता है, तो उपलब्धियाँ भी सीमित होती हैं, जबकि जब लक्ष्य में “राष्ट्र” जुड़ जाता है, तो जीवन स्वतः ही सार्थक हो जाता है।

  कार्यक्रम की प्रस्तावना एवं अतिथियों का स्वागत प्रो. अविनाश पाथर्डीकर ने किया। कार्यक्रम का संचालन विभाग कार्यवाह डॉ. नितेश जायसवाल ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे और प्रश्नोत्तर सत्र के माध्यम से मुख्य वक्ता से संवाद किया।

   मंच पर काशी प्रांत के प्रांत संचालक अंगराज, प्रांत प्रचारक रमेश, सह प्रांत प्रचारक सुनील, प्रांत प्रचारक प्रमुख रामचंद्र, विभाग प्रचारक आदित्य, अमरजीत, सहित प्रो. एच.सी. पुरोहित, प्रो. मानस पाण्डेय, प्रो. प्रमोद यादव, प्रो. मनोज मिश्रा, प्रो. अजय द्विवेदी, प्रो. अजय प्रताप सिंह, डॉ. मनीष प्रताप सिंह, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. जान्हवी श्रीवास्तव, डॉ. मनीष गुप्ता सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।

- फूलचंद यादव 

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