योगी की पाती: कांवड़ यात्रा को सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा का उत्सव बनाएं, सीएम योगी की श्रद्धालुओं से अपील
Kanwar Yatra 2026 को लेकर CM योगी ने श्रद्धालुओं से अनुशासन, संयम, स्वच्छता और सेवा की भावना के साथ यात्रा करने की अपील की। जानिए मुख्यमंत्री का पूरा संदेश....
लखनऊ, अचल वार्ता। सावन माह में निकलने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों और कांवड़ यात्रियों से यात्रा को श्रद्धा, अनुशासन, संयम और सेवा की भावना के साथ संपन्न करने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति, अनुशासन और लोकजीवन की जीवंत पाठशाला भी है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से जारी संदेश में कहा गया है कि श्रावण में निकलने वाली कांवड़ यात्रा हर वर्ष करोड़ों श्रद्धालुओं को भगवान शिव की भक्ति से जोड़ती है। इस यात्रा में शामिल प्रत्येक शिवभक्त की पहचान अलग हो सकती है, लेकिन सभी का लक्ष्य एक ही होता है—महादेव का जलाभिषेक।
कांवड़ यात्रा सामाजिक समरसता का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा में जाति, वर्ग, भाषा, क्षेत्र और आर्थिक भेदभाव गौण हो जाते हैं। यह यात्रा सामाजिक समरसता और सनातन संस्कृति के साझा भाव का उदाहरण है।
उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा तप, सेवा, आत्मसंयम और परस्पर सहयोग का संदेश देती है। तप से चरित्र मजबूत होता है, सेवा से समाज सशक्त होता है और एकता से राष्ट्र मजबूत होता है।
भगवान शिव की नीलकंठ कथा से जुड़ी गंगाजल अभिषेक की परंपरा
मुख्यमंत्री के संदेश में समुद्र मंथन की पौराणिक कथा का उल्लेख करते हुए कहा गया कि भगवान शिव ने सृष्टि की रक्षा के लिए हलाहल विष को अपने कंठ में धारण किया और नीलकंठ कहलाए। विष की उष्णता को शांत करने के लिए देवताओं ने गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक किया।
इसी आस्था से सावन माह में भगवान शिव के गंगाजल से अभिषेक की परंपरा को विशेष पुण्यदायी माना जाता है। कांवड़ यात्रा इसी धार्मिक आस्था और भक्ति से जुड़ी महत्वपूर्ण परंपरा है।
कांवड़ यात्रियों की सेवा को बताया पुण्य कार्य
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से कांवड़ यात्रियों की सेवा और सुविधा का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिवभक्त की यात्रा सम्मानपूर्वक और सुरक्षित तरीके से पूरी हो, इसके लिए सरकार की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
कांवड़ मार्गों पर स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, चिकित्सा सहायता, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और प्रभावी यातायात प्रबंधन जैसी सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कांवड़ यात्रा के दौरान पर्यावरण संरक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं से कांवड़ यात्रा को पर्यावरण के अनुकूल बनाने की अपील की। उन्होंने प्लास्टिक मुक्त जीवन का संकल्प लेने और यात्रा मार्गों पर स्वच्छता बनाए रखने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि यदि मार्ग में कोई एंबुलेंस या विद्यालय का वाहन दिखाई दे तो उसे प्राथमिकता देते हुए रास्ता दिया जाए। श्रद्धालुओं की छोटी-सी संवेदनशीलता किसी जरूरतमंद के लिए बड़ी सहायता साबित हो सकती है।
श्रद्धा के साथ अनुशासन और संयम जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांवड़ यात्रा की गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। श्रद्धा, अनुशासन, संयम और सेवा ही इस पावन यात्रा की वास्तविक पहचान हैं।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि कांवड़ यात्रा को केवल धार्मिक आयोजन न मानकर सामाजिक उत्तरदायित्व और सेवा का उत्सव बनाएं।
सरकार ने की व्यापक व्यवस्थाएं
कांवड़ यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए यात्रा मार्गों पर व्यवस्थित शिविर, पेयजल, चिकित्सा सुविधाएं, शौचालय और प्रकाश व्यवस्था जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। साथ ही यातायात प्रबंधन और निगरानी व्यवस्था के जरिए यात्रा को सुचारु बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन इस पावन परंपरा की गरिमा बनाए रखना समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री की श्रद्धालुओं से अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कांवड़ यात्रा की आज्ञा और भावना श्रद्धा, अनुशासन, संयम और सेवा में निहित है। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से शांतिपूर्ण, स्वच्छ और अनुशासित तरीके से यात्रा करने तथा समाज में भाईचारे और सहयोग की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।
- ब्यूरो रिपोर्ट
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