रुद्रप्रयाग : 1 अगस्त से चलेगा स्टॉप डायरिया अभियान
स्टॉप डायरिया अभियान को लेकर जिलाधिकारी ने ली बैठक ।
स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में 01 अगस्त से 30 सितंबर तक चलेगा स्टॉप डायरिया अभियान ।
127 चिकित्सा इकाइयों में निःशुल्क जिंक ओआरएस कार्नर की होगी स्थापना ।
आशा व एएनएम पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों वाले घरों का करेंगी दौरा ।
रुद्रप्रयाग , अचल वार्ता । जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के तत्वावधान में 01 अगस्त से शुरू होने वाले स्टॉप डायरिया अभियान के सफल आयोजन को लेकर संबंधित विभागों की बैठक ली। इस अवसर पर उन्होंने पेयजल आपूर्ति से जुड़े विभागों को जनपद में समस्त सार्वजनिक पेयजल टैंक की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बुधवार को एनआईसी सभागार में स्वास्थ्य, बाल विकास, शिक्षा, जलसंस्थान, पंचायतीराज, नगर पालिका आदि विभागों की बैठक ली व स्टॉप डायरिया अभियान को लेकर प्रत्येक विभाग के स्तर पर होने वाली कार्यवाही को लेकर निर्देश दिए। जिलाधिकारी द्वारा शिक्षा विभाग को प्रतिदिन विद्यालयों में बच्चों को हैंडवास प्रैक्टिस प्रदर्शन व अन्य डायरिया रोकथाम जागरूकता गतिविधि करने, जलापूर्ति से जुड़े विभाग जलसंस्थान, पेयजल निगम आदि को प्रत्येक सार्वजनिक पेयजल टैंक की सफाई सुनिश्चित करते हुए इन गतिविधियों की दैनिक रिर्पोटिंग करने के निर्देश दिए। इसके अलावा बाल विकास विभाग को बच्चों के अभिभावकों को डायरिया रोकथाम के बारे में जागरूक करने व बच्चों में डायरिया के लक्षण दिखाए देने पर स्वास्थ्य विभाग से समन्वय कर उनका उपचार कराने के निर्देश दिए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाॅ. राम प्रकाश ने बताया कि शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तत्वावधान में 01 अगस्त से 30 सितंबर 2026 तक स्टॉप डायरिया अभियान का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत जनपद की सभी 127 चिकित्सा इकाईयों मे जिंक ओआरएस कार्नर की स्थापना कर इन कार्नर के माध्यम से जिंक व ओआरएस पैकेट का वितरण निःशुल्क किया जाएगा। बताया कि अभियान के दौरान आशा व एएनएम पांच साल से कम उम्र के बच्चों वाले घरों का दौरा करेंगी व इन घरों में अनिवार्य रूप से ओआरएस पैकेट का वितरण किया जाएगा। साथ ही आशा व एएनएम द्वारा लक्षित आयु वर्ग के बच्चों के अभिभावकों को डायरिया के लक्षण बचाव के बारे में जागरूक किया जाएगा व ओआरएस घोल बनाने की विधि सिखायी जाएगी। घर भ्रमण के दौरान डायरिया के लक्षण मिलने पर संबंधित शिशु को निकटवर्ती चिकित्सालय रेफर किया जाएगा। बताया कि पीड़ित बच्चे को निःशुल्क जिंक टैबलेट उपलब्ध कराई जाएगी, इसके अतिरिक्त आशा कार्यकत्रियों द्वारा शिशु की माताओं को स्वच्छता व स्तनपान को बढावा देने को लेकर भी जागरूक किया जाएगा तथा राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की सभी पांच टीमें अपने भ्रमण वाले स्कूल/आंगनबाड़ी में बच्चों को हैंडवास प्रैक्टिस व डायरिया बचाव व रोकथाम की जानकारी देंगे।
इस अवसर पर मुख्य शिक्षा अधिकारी अजय कुमार चौधरी, सहायक अभियंता रेवत सिंह रावत, बाल विकास परियोजना अधिकारी देवेश्वरी कुंवर, सफाई निरीक्षक नगर पालिका शिवराज सिंह, डीपीएम एनएचएम हिमांशु नौडियाल, डीसी आईईसी हरेंद्र सिंह नेगी आरकेएसके काउंसलर विपिन सेमवाल, डीईओ प्रतिरक्षण यशवंत राणा, डीपीएम पंचायतराज मनमोहन रौतेला, आरबीएसके मैनेजर सुमन जुगराण, डीसीएम आशा हेमलता गैरोला आदि मोजूद रहे।
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