हरदोई : नियम ताक पर, निजी खाते में भुगतान लेकर प्रधान बने सिकन्दर, जिम्मेदार अधिकारी बने गांधी जी के बन्दर

Apr 1, 2026 - 19:05
Apr 1, 2026 - 19:06
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हरदोई : नियम ताक पर, निजी खाते में भुगतान लेकर प्रधान बने सिकन्दर, जिम्मेदार अधिकारी बने गांधी जी के बन्दर

हरदोई, अचल वार्ता। विकास निधि के उपयोग में नियमों को दरकिनार कर निजी खातों में भुगतान लेने के आरोपों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है। ग्राम पंचायतों में सामने आ रहे मामलों में जहां प्रधानों पर विकास निधि का पैसा अपने खातों में लेने के आरोप लग रहे हैं, वहीं संबंधित अधिकारी आंख, कान और मुंह बंद किए बैठे नजर आ रहे हैं। कार्रवाई न होने से व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।विकास खण्ड शाहाबाद की ग्राम पंचायत नरसियामऊ में भी इसी तरह का मामला सामने आया है।

 आरोप है कि ग्राम प्रधान कश्मीर सिंह द्वारा लेबर, मिस्त्री तथा अन्य मदों के नाम पर भुगतान अपने निजी खाते में लिया गया। मामला उजागर होने के बावजूद अब तक जांच या कार्रवाई न होने से जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।

  केद्रीय सरकार द्वारा संचालित एक सरकारी बेबसाइट पर उपलब्ध अभिलेखों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025–26 में वाउचर संख्या 5THSFC/2025-26/P/31 दिनांक 16 जनवरी 2025 के माध्यम से गौशाला के लिए तिरपाल खरीद के नाम पर 8,000 रुपये तथा वाउचर संख्या 5THSFC/2025-26/P/42 के माध्यम से कंप्यूटर मरम्मत के नाम पर 10,500 रुपये भुगतान किए गए। वित्तीय वर्ष 2024–25 में गौशाला लेवलिंग के नाम पर 9,500 रुपये तथा आकस्मिक व्यय के नाम पर 10,000 रुपये निकाले गए।

इसी प्रकार वित्तीय वर्ष 2022–23 में गौशाला में खाई खुदाई के नाम पर विभिन्न वाउचर के माध्यम से कुल 1,82,100 रुपये प्रधान के निजी खाते में भुगतान किए गए। इसके अलावा खाई खुदाई के नाम पर राशिद को भी दो वाउचर के माध्यम से 97,100 रुपये का भुगतान दिखाया गया है। सवाल उठ रहा है कि जब खुदाई जेसीबी मशीन से कराई गई थी, तो अतिरिक्त खुदाई दर्शाकर भुगतान किस आधार पर किया गया।

इसके अतिरिक्त शौचालय निर्माण मजदूरी तथा प्राथमिक विद्यालय जमलापुर में टायलीकरण कार्य के नाम पर भी विभिन्न तिथियों में हजारों रुपये प्रधान के खाते में भुगतान किए जाने का आरोप है। आरोप है कि अन्य मदों में भी इसी प्रकार भुगतान लेकर नियमों की अनदेखी की गई और वित्तीय प्रक्रियाओं की धज्जियां उड़ाई गईं।

  खण्ड विकास अधिकारी शाहाबाद दिनेश शर्मा ने बताया कि शासनादेश के अनुसार कोई भी ग्राम प्रधान लेबर, मिस्त्री या अन्य मदों का भुगतान अपने निजी खाते में नहीं ले सकता। इसी तरह जिला पंचायत राज अधिकारी विनय कुमार ने भी स्पष्ट किया कि प्रधान केवल अपने मानदेय के अतिरिक्त किसी अन्य मद का पैसा निजी खाते में प्राप्त नहीं कर सकता। इसके बावजूद ऐसे मामलों में कार्रवाई न होना चर्चा का विषय बना हुआ है।

- लक्ष्मीकांत पाठक

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