सुल्तानपुर: टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षक संगठनों की बैठक, आंदोलन का ऐलान
टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षक संगठनों ने संयुक्त आंदोलन का ऐलान किया। कुड़वार सुल्तानपुर में बैठक कर चरणबद्ध आंदोलन, धरना, हैशटैग अभियान और दिल्ली महारैली की रूपरेखा तय की गई।
कुड़वार, सुल्तानपुर,अचल वार्ता। वर्ष 2025 में आए सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) को अनिवार्य किए जाने से देशभर के लाखों शिक्षकों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। इसी मुद्दे को लेकर शिक्षक संगठनों में व्यापक आक्रोश देखने को मिल रहा है। केंद्र सरकार की ओर से अब तक कोई स्पष्ट व सकारात्मक आश्वासन न मिलने के कारण शिक्षक संगठनों ने संयुक्त आंदोलन का ऐलान कर दिया है।
टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया का गठन
शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा और टीईटी अनिवार्यता के विरोध को मजबूती देने के उद्देश्य से देश के मान्यता प्राप्त शिक्षक संगठनों ने संयुक्त रूप से टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया का गठन किया है। इसके तहत प्रदेश स्तर से लेकर जनपद व ब्लॉक स्तर तक आंदोलन की तैयारी शुरू कर दी गई है।
कुड़वार ब्लॉक में हुई समीक्षा बैठक
प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर कुड़वार ब्लॉक इकाई की समीक्षा बैठक बीआरसी परिसर में आयोजित की गई। बैठक का संयोजन उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला प्रवक्ता एवं कुड़वार अध्यक्ष द्वारा किया गया। इसमें सभी संगठनों ने एक मंच पर आकर संयुक्त रणनीति पर गहन चर्चा की और चरणबद्ध आंदोलन का निर्णय लिया।
शिक्षक नेताओं ने क्या कहा
प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष दिलीप कुमार पाण्डेय ने कहा कि सभी संगठनों का एक मंच पर आना शिक्षक हितों के लिए ऐतिहासिक कदम है। इससे न केवल टीईटी पात्रता बल्कि अन्य शिक्षक समस्याओं के समाधान की दिशा में भी मजबूती मिलेगी।
निजाम खान ने कहा कि वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों के सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए संगठन पूरी तरह प्रतिबद्ध है और लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रहेगा।
आंदोलन की घोषित रूपरेखा
बैठक में सर्वसम्मति से निम्न कार्यक्रम तय किए गए—
- 22 फरवरी 2026: दोपहर 2 से 4 बजे तक एक्स (ट्विटर) पर हैशटैग अभियान
- 23 से 25 फरवरी 2026: शिक्षक काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करते हुए विरोध दर्ज कराएंगे
- 26 फरवरी 2026: तिकोनिया पार्क में धरना, शाम 4 बजे जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन
- मार्च 2026 (तीसरा सप्ताह): नई दिल्ली के रामलीला मैदान में विशाल महारैली व केंद्र सरकार को ज्ञापन
एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत
कुड़वार जूनियर शिक्षक संघ के अध्यक्ष राजेश मिश्रा ने कहा कि टीईटी अनिवार्यता के विरोध में संगठनों की एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत है और सभी शिक्षक मिलकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन करेंगे।
बड़ी संख्या में शिक्षक पदाधिकारी रहे मौजूद
बैठक में जूनियर शिक्षक संघ, आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन सहित विभिन्न संगठनों के जिला व ब्लॉक स्तर के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन लईक अहमद खान ने किया।
टीईटी अनिवार्यता के मुद्दे पर शिक्षक संगठनों का एक मंच पर आना आने वाले समय में बड़े आंदोलन का संकेत है। यदि केंद्र सरकार ने शीघ्र समाधान नहीं निकाला, तो यह आंदोलन प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक और तेज होने की संभावना है।
- श्रवण शर्मा
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