सुल्तानपुर: मनमाने ढंग से सचिव में बांटा गया हैं कलस्टर, दो सचिव हुए कार्यालय से संबद्ध
- क्लस्टर में मिले ग्राम पंचायतो की दूरी होने से नहीं पहुंच पाते सचिव,
- प्रभावित होता है कार्य, परेशान होते हैं ग्रामीण, अधिकारी बने तमाशबीन
अचल वार्ता,लंभुआ/सुलतानपुर। लगभग अस्सी ग्राम पंचायतो से आच्छादित विकासखंड लंभुआ में सचिवो की तैनाती मनमाने ढंग से की गई है। ग्राम पंचायत का एक दूसरे के विपरीत व दूरी होने से जहां पंचायत सचिव ग्राम सभा के चक्कर नहीं लगा पाते, वही आए दिन ग्रामीणों को समस्या का सामना करना पड़ता है। लंभुआ विकासखंड में 80 ग्राम पंचायत को 17 क्लस्टर में बांटा गया है। एक क्लस्टर में जनसंख्या और दूरी के हिसाब से चार-पांच व 6 ग्राम पंचायत को रखा गया है। वहीं बीते दिनों विकासखंड लंभुआ से सचिव अरविंद यादव के स्थानांतरण के बाद खाली हुए भरखरी क्लस्टर के ग्राम प्रधानों के खाते तक नहीं खुल सके हैं।
ADO पंचायत की अतिरिक्त जिम्मेदारी निभा रहे प्रदीप यादव को चार क्लस्टर के साथ 17 ग्राम पंचायत का सचिव नियुक्त किया गया है। इन्हें मिले क्लस्टर मे लोटिया, तातोमुरैनी, बरुआ उत्तरी, रायपुर एक दूसरे के विपरीत है, मुख्यालय से बारह किलोमीटर उत्तर व बारह किलोमीटर दक्षिण लगाया गया है। वही पवन चौरसिया को चार क्लस्टर निर्गत करते हुए बीस ग्राम पंचायत का सचिव बनाया गया है। जिसमें शंकरपुर, राजाउमरी, चौकिया मकसूदन क्लस्टर मुख्यालय से पूर्व की तरफ 17 किलोमीटर वहीं पश्चिम की तरफ 7 किलोमीटर और उत्तर की तरफ 13 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
विकासखंड में तैनात सचिव राजबहादुर को जमखुरी, सूर्यभानपट्टी और भरखरी का संयुक्त सचिव नियुक्त किया गया है। एक दूसरे के विपरीत मुख्यालय से बारह,बारह किलोमीटर का दायरा रखा गया है। केशवपुर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि सुनील गुप्ता ने बताया कि बीते दिनों भरखरी क्लस्टर के सचिव अरविंद यादव का स्थानांतरण हो गया है। 15 दिन बीतने के बाद भी यहां के किसी प्रधान का खाता सचिव के साथ नहीं खुल सका है।
मिली जानकारी के अनुसार बीते दो सितंबर को अरविंद यादव को स्थानीय मुख्यालय से कार्य मुक्त कर दिया गया है। परसीपुर क्लस्टर की सचिव शारदा दूबे ने बताया कि वह 2 साल से इसी एक क्लस्टर में कार्य कर रही हैं। मिली जानकारी के अनुसार मौजूदा क्लस्टर सैतापुरसराय की सचिव कोमल सिंह का क्लस्टर 6 माह में चार बार बदला गया है। ग्राम पंचायत सचिव राम केवल को शिवगढ़ का क्लस्टर मिला है। वहीं सचिव रमेश मौर्य को खुदौली, ख़ूनशेखपुर का क्लस्टर निर्गत किया गया है।
बीते अगस्त 2024 में लंभुआ विकासखंड में तैनात सचिव उमेश की मौत हो गई थी। मृतक आश्रित कोटे पर उनकी पत्नी राजलक्ष्मी को बीते 2 जून को विकासखंड के सचिव पद पर ज्वाइन कराया गया है। परंतु अभी तक इन्हें कोई गांव और क्लस्टर नहीं मिला है। जबकि बीते 19 अगस्त से सूर्यभान पट्टी कलस्टर देख रहे फैयाज खान को भी कार्यालय से अटैच किया गया है।
पंचायती राज अधिनियम में निदेशालय के नियमानुसार किसी सचिव की नियुक्ति एक क्लस्टर से अधिक होने पर बगल के क्लस्टर को ही दिया जाना चाहिए। परंतु नियम विपरीत यहां मुख्यालय से एक दूसरे के विपरीत क्लस्टर बांटे गए है।
BDO नीलिमा गुप्ता ने बताया कि यह सब डीपीआरओ जाने, हमारे बस में कुछ भी नहीं है, कुछ भी नहीं है। ना हमसे प्रस्ताव लिया जाता है ना जानकारी दी जाती है।।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0