अम्बेडकर नगर: विकास की गंगा नहीं, सरयू की नाव पर सफर कर रहा है मकोईया गांव
अम्बेडकरनगर, अचल वार्ता। कुछ दिन पहले कटेहरी विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का दौरा हुआ था, मंच सजाया गया, भाषण हुआ और मंच के स्पीच संचालक ने फिर वही पुराना वादा दोहराया “जनपद में विकास की गंगा बहेगी।” लेकिन सब उल्टा? कैसे
मामला जनपद के विकास खंड बसखारी के ग्राम पंचायत मकोईया का है जहां केवल कागजों में दौड़ रहा है विकास का घोड़ा।
अरे जनाब लोगो का तो कहना है कि गंगा तो छोड़िए, मकोईया गांव में तो “विकास की सरयू नदी” बह रही है। ग्राम प्रधान और सचिव ने यहां ऐसा विकास कर दिया कि पूरा गांव ही नदी घाट में तब्दील हो गया। ग्रामीण अब पैदल नहीं, बल्कि “नाव यात्री” बनकर यात्रा कर रहे हैं।
गांव वालों का कहना है कि “हमें विकास की गंगा नहीं चाहिए, बसखारी विकास खंड से एक नाव तो भिजवा दीजिए। कागज में घोड़ा दौड़ाने से अच्छा है पानी में नाव चलवा दीजिए।” गांव का हाल देखकर लगता है कि अधिकारी भ्रष्टाचार की गठरी लादे “यमुना एक्सप्रेसवे” पर घूम रहे हैं, और गांव वाले “पानी-पानी” होकर विकास का इंतजार कर रहे हैं।
अब बड़ा सवाल यह है कि जिला विकास अधिकारी और बसखारी खंड अधिकारी क्या सचमुच विकास की नाव गांव तक पहुंचाएंगे?
या फिर ग्रामीणों को तैराकी प्रतियोगिता में शामिल कर देंगे?
फिलहाल लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है “कागजों पर विकास दौड़ता घोड़ा और जमीन पर तैरता मकोईया गांव।”
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0