अम्बेडकर नगर: SP प्राची सिंह फोटो सेशन की संस्कृति रोक पाएंगी ?
- जनपद में आखिरकार असली गश्त देखने को मिलेगी?
- "फोटो हो गई, गश्त पूरी" की परंपरा पर अब सवालिया निशान
अंबेडकरनगर, अचल वार्ता। क्या नई पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह जिले में लंबे समय से चली आ रही फर्जी 'फोटो सेशन गश्त' को पूरी तरह रोक पाएंगी? या फिर यह सिर्फ एक नई उम्मीद बनकर रह जाएगी? जनता यही सवाल पूछ रही है।
पिछले कई महीनों से अंबेडकर नगर में अपराध बढ़ रहे हैं, लेकिन पुलिस की गश्त सिर्फ मोबाइल पर फोटो खिंचवाने तक सीमित रही है। थाने के बाहर, चौराहे पर या शॉर्टकट रूट पर खड़े होकर फोटो क्लिक कर रिपोर्ट में "गश्त पूर्ण" लिख दिया जाता था। असली क्षेत्र में गश्त का नामोनिशान नहीं। अपराधी बेखौफ घूमते रहे और आम जनता असुरक्षित महसूस करती रही।
क्या SP प्राची सिंह फोटो सेशन वाली इस पूरी प्रक्रिया को जड़ से रोक पाएंगी ? क्या अब थानों से असली पेडल गश्त निकलेगी?क्या रात के समय सड़कों पर पुलिस की सख्ती और टॉर्च की रोशनी दिखेगी ? या फिर पुरानी व्यवस्था कुछ दिनों की मेहनत के बाद फिर से शुरू हो जाएगी?
स्थानीय लोग कहते हैं, "प्राची सिंह मैडम आई हैं तो बड़ी उम्मीद जगी है। अगर वे फोटो सेशन बंद कर सख्ती से क्षेत्र में असली गश्त सुनिश्चित कर दें, तो जिले का माहौल ही बदल जाएगा। लेकिन सिर्फ निर्देश देने भर से काम नहीं चलेगा, निगरानी और जवाबदेही भी जरूरी है।
"सर, फोटो तो बहुत हो गईं... अब गश्त कहाँ है?"अंबेडकर नगर पुलिस की छवि और व्यवस्था बदलने का ये मौका है। अगर SP प्राची सिंह फोटो सेशन की प्रक्रिया को सख्ती से रोककर वास्तविक क्षेत्रीय गश्त लागू कर पाईं, तो न सिर्फ जनता को सुरक्षा मिलेगी, बल्कि पूरे जनपद के लिए मिसाल भी बनेगी।
'जनता इंतजार कर रही है...असली बदलाव का '
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