लखीमपुर खीरी : दुधवा टाइगर रिजर्व "चंदन चौकी" में गूंजा भारत–नेपाल मैत्री महोत्सव 2026

Feb 26, 2026 - 17:48
Feb 26, 2026 - 21:48
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लखीमपुर खीरी : दुधवा टाइगर रिजर्व "चंदन चौकी" में गूंजा भारत–नेपाल मैत्री महोत्सव 2026

सीमाओं से परे संस्कृति का संगम 

लखीमपुर खीरी दुधवा टाइगर रिजर्व "चंदन चौकी" | 

लखीमपुर खीरी, अचल वार्ता।भारत और नेपाल की साझा सांस्कृतिक विरासत का अनुपम उत्सव, भारत–नेपाल मैत्री महोत्सव 2026, लखीमपुर खीरी दुधवा टाइगर रिजर्व "चंदन चौकी" में उल्लास और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। संस्कृति–पर्यटन विभाग, उत्तर प्रदेश एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम ने सीमाओं से परे मित्रता, परंपरा और सांस्कृतिक एकता का सशक्त संदेश दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत आकर्षक शोभा यात्रा से हुई, जिसने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। दीप प्रज्वलन के साथ मंचीय कार्यक्रमों का शुभारंभ हुआ और इसके बाद लोक संस्कृति की रंगीन झलकियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

मंच पर जादू कला से लेकर लोक गायन और थारू लोक नृत्य तक विविध प्रस्तुतियों ने तालियों की गूंज से प्रेक्षागृह को भर दिया। हर्ष अग्निहोत्री की जादू प्रस्तुति ने आश्चर्य का वातावरण बनाया, वहीं दीपिका मिश्रा का लोक गायन, गौरी शंकर का लोक गायन, सुप्रिया भारती का गायन एवं अंतरराष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त राकेश उपाध्याय के द्वारा "निमिया के डार" , "होली उलरारा" जैसे अन्य धुनों की मधुरता बिखेरी।

स्वधा मिश्रा के बधावा लोक नृत्य तथा प्रेरणा कठारिया, लक्ष्मण प्रसाद राणा एवं दुधवा थारू मयूर मंडली "निर्मला" दल की प्रस्तुति ने भारत–नेपाल की सांस्कृतिक निकटता को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कमल राना नेपाल भाषा विधि संयोजक, उप जिला अधिकारी न्यायिक पलिया आरती यादव वीरेंद्र शुक्ला ब्लॉक प्रमुख पलिया, तहसीलदार पलिया ज्योति वर्मा जितेंद्र सिंह परिहार डीएसपी पलिया, लक्ष्मन गुप्ता अध्यक्ष नगर पालिका, परियोजना अधिकारी कृष्ण पाल एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने उद्बोधन में भारत–नेपाल की ऐतिहासिक मित्रता को और प्रगाढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया।

आयोजन की संपूर्ण रूपरेखा एवं सफल क्रियान्वयन में नोडल अधिकारी अतुल द्विवेदी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विभाग की ओर से सूरज गौतम, वैभव विशाल, लकी सोनकर एवं अन्य कर्मचारीगण सक्रिय रूप से उपस्थित रहे और व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखा।

यह महोत्सव केवल सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि दो देशों के हृदयों को जोड़ने वाला सेतु सिद्ध हुआ। उपस्थित जनसमूह ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे जनपद के लिए गौरवपूर्ण आयोजन बताया।

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