यश.वी. ट्रेडिंग कम्पनी पर फर्जी कोटेशन और जीएसटी उल्लंघन के गंभीर आरोप, जांच तेज

Nov 29, 2025 - 20:47
Jan 18, 2026 - 10:45
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यश.वी. ट्रेडिंग कम्पनी पर फर्जी कोटेशन और जीएसटी उल्लंघन के गंभीर आरोप, जांच तेज

जलालपुर तहसील क्षेत्र से मामला उजागर

अम्बेडकर नगर। जलालपुर तहसील क्षेत्र स्थित यश.वी. ट्रेडिंग कम्पनी पर फर्जी कोटेशन जारी करने, जीएसटी नियमों के उल्लंघन तथा कमीशनखोरी के आरोपों को लेकर जांच प्रक्रिया तेज हो गयी है। शिकायतकर्ता द्वारा मुख्यमंत्री पोर्टल पर दर्ज की गई शिकायत के बाद मामला विभागीय जांच के दायरे में आ गया है।

बैंकों में लगाए गए संदिग्ध कोटेशन

शिकायतकर्ता के अनुसार कंपनी द्वारा विभिन्न बैंकों में धुलाई मशीन, कुमो पंप, इंटरलॉकिंग मशीन, सिलाई मशीन, रस्सी बनाने की मशीन सहित कई प्रकार की मशीनों के कोटेशन लगाए गए हैं, जिनका वास्तविक स्टॉक कंपनी के पास उपलब्ध नहीं पाया गया। सबसे प्रमुख प्रकरण अमन कुमार नाम से जारी रस्सी बनाने की मशीन का है, जिसकी कीमत ₹2,54,250 दर्शाई गई है। आरोप है कि संबंधित मशीन का कोई भौतिक सत्यापन नहीं मिला।

जीएसटी विभाग ने भेजा नोटिस

जांच अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने कंपनी संचालक विपिन कुमार को जीएसटी संबंधित दस्तावेज मांगे थे। प्रथम नोटिस के बाद भी संचालक द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया, जिसके बाद विभाग ने 27 नवंबर को दूसरा नोटिस जारी करते हुए 27 दिसंबर तक आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि तक अभिलेख उपलब्ध न कराने की स्थिति में लेखों की विशेष जांच की जाएगी।

कमीशनखोरी के आरोप भी जांच के दायरे में

सूत्रों के अनुसार कुछ लाभार्थियों ने आरोप लगाया है कि बैंक लोन प्रक्रियाओं में यश.वी. ट्रेडिंग कम्पनी के कोटेशन को अनिवार्य रूप से लगाने का दबाव बनाया जाता था। आरोप यह भी है कि मशीन संबंधी ऋण जारी कराने में बड़े पैमाने पर कमीशन की मांग की जाती थी। विभागीय स्तर पर इस पहलू की भी छानबीन जारी है।

कई यूनिटों के न मिलने पर संदेह गहराया

जांच में कुछ ऐसे मामलों का भी उल्लेख है जहाँ कागजों में यूनिट दिखाए गए, लेकिन भौतिक रूप से उनके अस्तित्व की पुष्टि नहीं हो सकी। इससे मामले को लेकर संदेह और गहरा गया है।

संदिग्ध खातों की भी जांच

सूत्र बताते हैं कि कंपनी से जुड़े कुछ बैंक खातों में संदिग्ध वित्तीय लेन-देन की जानकारी भी विभाग के संज्ञान में आई है। इससे जांच दायरा और व्यापक हो सकता है।

विभाग का कहना है कि सभी पहलुओं की विधिवत जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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