राजमिस्त्री को फर्जी इनकाउंटर में मारने की साजिश का आरोप, परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

Mar 16, 2026 - 18:33
Mar 17, 2026 - 07:50
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राजमिस्त्री को फर्जी इनकाउंटर में मारने की साजिश का आरोप, परिजनों ने पुलिस पर लगाए गंभीर आरोप

लखीमपुर खीरी, अचल वार्ता ।  थाना फरधान क्षेत्र के ग्राम पीरपुर निवासी लल्लन पुत्र स्व. करीम बख्श ने जिले की पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके बेटे अच्छन बाबू, जो राजमिस्त्री का काम करते हैं, को पुलिस ने बिना किसी स्पष्ट कारण के पकड़कर फर्जी मुकदमे में फंसाने और इनकाउंटर में मारने की साजिश रची।

  परिजनों के अनुसार घटना 11 मार्च 2026 की है। अच्छन बाबू रोज की तरह लखीमपुर शहर के मोहल्ला पटेल नगर से काम खत्म कर अपने घर लौट रहे थे। उनके साथ छोटा भाई हाशिम और एक अन्य युवक भी था। आरोप है कि रास्ते में नीमगांव थाने की पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने तीनों को सादी वर्दी में पकड़ लिया और बिना किसी जानकारी के कहीं ले गई।

  परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद कई घंटों तक घरवालों को इसकी सूचना तक नहीं दी। जब देर शाम तक दोनों भाई घर नहीं पहुंचे और फोन भी बंद मिला तो परिवार में हड़कंप मच गया। रात में तलाश करने पर पता चला कि सादी वर्दी में आए कुछ पुलिसकर्मी तीन युवकों को उठाकर ले गए हैं। इसके बाद परिजन कोतवाली सदर और थाना फरधान तक जानकारी लेने पहुंचे, लेकिन कहीं से कोई स्पष्ट सूचना नहीं मिली। निराश होकर परिवार ने पुलिस अधीक्षक खीरी, जिलाधिकारी, पुलिस महानिरीक्षक और मुख्यमंत्री को सोशल मीडिया के माध्यम से शिकायत भेजी। 

  आरोप है कि जब मामला उच्च अधिकारियों तक पहुंचा, तब करीब सात घंटे बाद नीमगांव पुलिस ने हाशिम के फोन से परिवार को सूचना दी कि तीनों युवक पुलिस हिरासत में हैं। थाने पहुंचने पर पुलिस ने बताया कि अच्छन बाबू का नाम एक माह पहले लूट के आरोप में पकड़े गए कुछ आरोपियों ने लिया था और उन पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। हालांकि परिजनों का कहना है कि यदि वह इतने बड़े अपराधी थे तो पुलिस ने पहले कभी घर पर दबिश क्यों नहीं दी और न ही मोबाइल ट्रेस कर गिरफ्तारी की कोशिश की। 

  परिवार का यह भी आरोप है कि घटना से दो दिन पहले कुछ लोग सादी वर्दी में उनके घर आए थे और खुद को क्राइम ब्रांच का बताकर अच्छन बाबू से मिलकर उनका फोटो और आधार कार्ड की जानकारी लेकर चले गए थे, लेकिन उस समय भी उन्हें गिरफ्तार नहीं किया गया।

  परिजनों ने आरोप लगाया कि अच्छन बाबू को शाम करीब छह बजे शहर लखीमपुर से उठाया गया, लेकिन पुलिस ने दिखाया कि उन्हें करीब 20 किलोमीटर दूर बांछेपारा गांव के पास से रात में अवैध असलहा और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया है। परिवार का कहना है कि यह पूरी कहानी सुनियोजित तरीके से गढ़ी गई है। 

पीड़ित परिवार ने थाना फरधान, थाना नीमगांव और क्राइम ब्रांच के संबंधित पुलिसकर्मियों की कॉल डिटेल और लोकेशन के आधार पर निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि सच्चाई सामने आने पर ही उनके बेटे को न्याय मिल सकेगा। इस मामले ने जिले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि प्रशासन इस प्रकरण में क्या कार्रवाई करता है।

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