खीरी में संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारी, डीएम अंजनी कुमार सिंह ने बनाई रणनीति

लखीमपुर खीरी में संभावित बाढ़ से निपटने के लिए डीएम अंजनी कुमार सिंह ने अधिकारियों संग रणनीति बनाई। बाढ़ राहत केंद्र, नाव, चिकित्सा कैंप, संचार व्यवस्था और फ्लड फाइटिंग तैयारियों पर विशेष जोर दिया गया।

Apr 26, 2026 - 13:07
Apr 26, 2026 - 14:48
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खीरी में संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारी, डीएम अंजनी कुमार सिंह ने बनाई रणनीति

खीरी में संभावित बाढ़ से निपटने की तैयारी, डीएम के अध्यक्षता में बनी रणनीति

डीएम बोले, सम्भावित बाढ़ को देखते हुए तैयार करें कारगर और प्रभावी कार्ययोजना

लखीमपुर खीरी, अचल वार्ता । खीरी में बाढ व अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने और उनके प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से शनिवार की देर शाम डीएम अंजनी कुमार सिंह ने विधायक योगेश वर्मा, रोमी साहनी की मौजूदगी में अफसरों संग सम्बन्धित विभागों द्वारा की जाने वाली तैयारियों के सम्बन्ध में अटल सभागार में जिलास्तरीय बाढ़ स्टेरिंग ग्रुप बैठक ली, अफसरों को सम्भावित बाढ़ को देखते हुए कारगर और प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक में विधायक योगेश वर्मा और रोमी साहनी ने अपने सारगर्भित विचार रखते हुए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक के दौरान जिले में संभावित बाढ़ की स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए डीएम ने सभी सम्बन्धित एसडीएम को निर्देश दिया कि बाढ़ चौकियों, बाढ़ राहत केन्द्रों, बाढ़ शरणालयों, लंगर स्थलों के चयन, तहसील अन्तर्गत उपलब्ध सरकारी व गैर सरकारी नावों,, नाविकों, गोताखोरो की उपलब्धता का जायजा लेकर प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। डीएम ने निर्देश दिए कि बाढ़ के दौरान प्रभावित व्यक्ति मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहे इसलिए राहत कैंपों को सुविधाओं से युक्त बनाएं। वहां पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था भी सुनिश्चित कराए। सीएमओ ने बताया कि चिकित्सा कैंपों में ओआरएस, क्लोरीन की गोली, सेनेटरी नैपकिन सहित अन्य जरूरी औषधीय की उपलब्धता सुनिश्चित की जायेगी। सीडीओ अभिषेक कुमार ने बंधों की सुरक्षा को ‘टॉप प्रायोरिटी’ बताते हुए 31 मई तक सभी परियोजनाएं हर हाल में पूरी करने की सख्त डेडलाइन तय कर दी। उन्होंने बीडीओ को निर्देश दिए कि संवेदनशील क्षेत्रों की गौशालाओं को चिन्हित कर बाढ़ के दौरान गोवंश की शिफ्टिंग की ठोस योजना बनाएं। साथ ही फ्लड फाइटिंग के लिए मैनपॉवर, वाहन और अन्य संसाधनों की उपलब्धता समय रहते सुनिश्चित करने को कहा। एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि हर प्रभावित क्षेत्र के लिए 'कम्युनिकेशन प्लान' अनिवार्य रूप से तैयार किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि संबंधित ग्रामों के प्रधान, कोटेदार, आशा, आंगनबाड़ी व प्रबुद्ध नागरिकों को एक व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से जोड़कर सतत संवाद स्थापित किया जाए। डिजिटल कनेक्टिविटी आपात स्थिति में सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान का सशक्त माध्यम बनेगी। बैठक में अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड अजय कुमार ने प्रेजेंटेशन के जरिए जिले की बाढ़ संवेदनशीलता का पूरा ब्लूप्रिंट सामने रखा। उन्होंने बताया कि 12 बाढ़ निरोधी परियोजनाओं पर काम जारी है, जिनमें अब तक करीब 15 फीसदी प्रगति हुई है। ड्रेनों की सफाई, अधिकतम डिस्चार्ज और औसत वर्षा के आंकड़ों के साथ फ्लड फाइटिंग के लिए स्टॉक की स्थिति भी साझा की गई।

इनकी रही मौजूदगी 

सीडीओ अभिषेक कुमार, एडीएम नरेंद्र बहादुर सिंह, एएसपी पश्चिमी अमित कुमार राय, जिला अग्निशमन अधिकारी, डीपीआरओ विशाल सिंह, ईई बाढ़ खंड अजय कुमार, ईई सिंचाई खंड शारदा नगर, ईई सिंचाई खंड प्रथम राम बहादुर, एसडीएम, बीडीओ, अधिशासी अधिकारी सहित संबंधित सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

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