फर्जी कोटेशन से कर चोरी का बड़ा खेल उजागर, यशवी ट्रेडिंग पर GST विभाग का शिकंजा
स्टॉक लगाए करोड़ों के कोटेशन, अम्बेडकर नगर में GST घोटाले की परतें खुलीं
अम्बेडकर नगर, अचल वार्ता। जनपद में फर्जी कोटेशन के माध्यम से कर चोरी किए जाने का एक गंभीर मामला सामने आया है। में० यश०वी० ट्रेडिंग कम्पनी, मरहरा, जलालपुर, अम्बेडकरनगर पर आरोप है कि उसने विभिन्न बैंकों में ऐसे उपकरणों के कोटेशन लगाए, जिनका कंपनी के पास कोई वास्तविक स्टॉक मौजूद नहीं था।
शिकायतकर्ता के अनुसार कंपनी द्वारा ग्रामीण बैंक ऑफ बड़ौदा किछौछा, यूनियन बैंक बसखारी, यूनियन बैंक कटोखर, बैंक ऑफ बड़ौदा त्रिमोहानी तथा जलालपुर सहित कई बैंकों में धुलाई मशीन, कुमो पंप मोटर, रस्सी बनाने की मशीन, इंटरलॉकिंग मशीन, सिलाई मशीन, फर्नीचर, पाइप सेट, फ्रीजर एवं अन्य उपकरणों के कोटेशन प्रस्तुत किए गए। जबकि जांच में यह सामने आया कि संबंधित सामान वास्तव में उपलब्ध ही नहीं थे।
शिकायत में अमन कुमार (निवासी– बसखारी, टांडा) के नाम से जारी रस्सी बनाने की मशीन का ₹2,54,250 का कोटेशन एवं उस पर चार्ज किया गया कर ₹45,765 का विवरण तथा कंपनी का जीएसटी नंबर साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किया गया। आरोप है कि इस प्रकार के फर्जी कोटेशन अन्य फर्मों के नाम पर भी जारी किए गए।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि जीएसटी विभाग द्वारा पहले मामले की समुचित जांच नहीं की गई, जिसके चलते 27.11.2025 को जारी निस्तारण आख्या के विरुद्ध पुनः शिकायत की गई। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए विभाग द्वारा में० यश०वी० ट्रेडिंग कम्पनी (जीएसटीएन- 09APJPK0754K1Z1) को समस्त साक्ष्यों के साथ उपस्थित होकर स्थिति स्पष्ट करने हेतु नोटिस जारी किया गया, जो विधिवत तामील भी हुआ। हालांकि निर्धारित तिथि पर कंपनी द्वारा कोई स्पष्टीकरण, साक्ष्य या शपथ पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया।
इसके बाद जीएसटी अधिनियम 2017 की धारा 61 के अंतर्गत 27.11.2025 को अस्मत-10 नोटिस जारी करते हुए 27.12.2025 तक उत्तर दाखिल करने का समय दिया गया। शिकायतकर्ता ने भी इस कार्रवाई पर सहमति जताते हुए नियमानुसार कार्रवाई की मांग की। व्यापारी द्वारा जवाब दाखिल किया गया, लेकिन कर जमा करने से संबंधित कोई साक्ष्य प्रस्तुत न किए जाने के कारण जवाब को स्वीकार योग्य नहीं माना गया।
फलस्वरूप 05.01.2026 को जीएसटी अधिनियम की धारा 74A के अंतर्गत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। व्यापारी को 05.02.2026 तक स्पष्टीकरण दाखिल करने का अवसर दिया गया है, वहीं 10.02.2026 को व्यक्तिगत सुनवाई भी निर्धारित की गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।
जीएसटी विभाग की इस कार्रवाई से जिले में फर्जी कोटेशन और कर चोरी के मामलों पर शिकंजा कसने की उम्मीद जताई जा रही है।
- हरीलाल प्रजापति
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