बलरामपुर चीनी मिल्स रौजागांव ने किसानों को किया लगभग 936 लाख रुपये का भुगतान, खातों में पहुंची गन्ना मूल्य राशि

बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड रौजागांव यूनिट ने पेराई सत्र 2025–26 में किसानों के गन्ने का 935.71 लाख रुपये का भुगतान सीधे बैंक खातों में किया। मिल प्रबंधन ने त्वरित भुगतान और स्वच्छ गन्ना आपूर्ति की अपील की।

Jan 23, 2026 - 22:11
Jan 26, 2026 - 22:10
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बलरामपुर चीनी मिल्स रौजागांव ने किसानों को किया लगभग 936 लाख रुपये का भुगतान, खातों में पहुंची गन्ना मूल्य राशि

मवई, अयोध्या, अचल वार्ता। बलरामपुर चीनी मिल्स लिमिटेड, यूनिट–रौजागांव द्वारा वर्तमान पेराई सत्र 2025–26 में किसानों को राहत देते हुए गन्ना मूल्य का त्वरित भुगतान किया गया है। चीनी मिल प्रबंधन के अनुसार 14 जनवरी 2026 तक क्रय किए गए गन्ने के सापेक्ष 935.71 लाख रुपये का भुगतान 22 जनवरी 2026 को कर दिया गया है। यह संपूर्ण राशि किसानों के संबंधित बैंक खातों में सीधे भेज दी गई है।

त्वरित भुगतान नीति पर चल रही चीनी मिल

चीनी मिल के मुख्य महाप्रबंधक सुधीर कुमार ने बताया कि वर्तमान पेराई सत्र में मिल द्वारा त्वरित गन्ना मूल्य भुगतान योजना के अंतर्गत किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि जिन क्षेत्रों में को. 0238 गन्ना प्रजाति में रेड रॉट रोग का प्रकोप दिखाई दे रहा है, वहां किसान अपने संबंधित मिल स्टाफ से संपर्क कर गन्ना बीज नर्सरी से को. 0118, को. 15023, को.लख. 14201 एवं को.शा. 13235 प्रजातियों की बुवाई बसंतकालीन मौसम में करें।

मुख्य महाप्रबंधक ने यह भी कहा कि जिन खेतों में रेड रॉट का प्रकोप है, वहां पेड़ी गन्ना न लें और फसल चक्र अपनाएं, जिससे भूमि और फसल दोनों सुरक्षित रहें।

स्वच्छ गन्ना आपूर्ति की अपील

सुधीर कुमार ने किसानों से मिल को साफ-सुथरा, जड़, मिट्टी, अगोला, पत्ती व हरा जूना रहित गन्ना ही आपूर्ति करने की अपील की, ताकि पेराई कार्य सुचारु रूप से संचालित हो सके।

एसएमएस आने पर ही करें गन्ना कटाई

इस अवसर पर उप महाप्रबंधक (गन्ना) हरदयाल सिंह ने किसानों से अपील की कि वे पर्ची का एसएमएस आने के बाद ही गन्ने की कटाई करें तथा अपनी ही पर्ची पर गन्ने की आपूर्ति करें, जिससे भविष्य में बेसिक कोटा निर्धारण में किसी प्रकार की समस्या न आए।

उन्होंने किसानों को यह भी सलाह दी कि वे अपने मोबाइल इनबॉक्स को समय-समय पर खाली रखें, ताकि गन्ना पर्ची, भुगतान और अन्य सूचनाओं से संबंधित एसएमएस समय पर प्राप्त हो सकें। जिन किसानों ने अभी तक आधार नंबर और मोबाइल नंबर समिति के ERP सिस्टम में अपडेट नहीं कराया है, वे शीघ्र यह प्रक्रिया पूरी कर लें, अन्यथा पर्ची निर्गमन में बाधा आ सकती है।

किसानों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं

किसानों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वर्तमान पेराई सत्र में भी मिल गेट पर शिफ्टवार गन्ना खरीद व्यवस्था लागू की गई है। इसके साथ ही छोटे और बड़े किसानों के लिए 27 कुंतल मोड की पर्ची पर टिप्लर व्यवस्था की गई है, ताकि गन्ना आपूर्ति शीघ्रता से हो सके।

कोहरे से बचाव हेतु मिल द्वारा रिफ्लेक्टर लगाने का कार्य भी किया जा रहा है।

- प्रदीप कुमार यादव 

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