अयोध्या: ओम के नाम पर घोटाला उद्घाटन से पहले ही धूल फांकने लगा तिकोनिया पार्क का स्तंभ
अयोध्या, अचल वार्ता। अयोध्या का हेमू कालाणी तिकोनिया पार्क जहां कभी जनता की आवाज़ बुलंद होती थी, अब वहां भ्रष्टाचार की बयार बह रही है। विकास प्राधिकरण द्वारा सौंदर्यीकरण के नाम पर चलाया जा रहा काम अब सवालों के घेरे में है।मामला तिकोनिया पार्क का है, जो शहर में धरना-प्रदर्शन का एकमात्र निर्धारित स्थल है। पहले यहां बीच में फव्वारा या मूर्ति लगाए जाने की योजना थी, लेकिन भारतीय किसान यूनियन समेत कई सामाजिक संगठनों के विरोध के बाद नगर निगम के महापौर ने आश्वासन दिया था कि यहां कोई स्थायी निर्माण नहीं होगा।
लेकिन सूत्र बताते है कि “विकास” की आड़ में प्राधिकरण ने अब चालाकी से दो कोनों पर ‘ओम स्तंभ’ लगा दिए हैं। इन स्तंभों की असली लागत कितनी है, यह कोई बताने को तैयार नहीं। लेकिन जो बात सबकी आंखों में चुभ रही है वह यह कि उद्घाटन से पहले ही स्तंभ धूल फांकने लगे हैं!स्थानीय लोगों का कहना है कि यह “ओम” नहीं “ओह!” वाला मामला है। करोड़ों के बजट का खेल “धर्म” के नाम पर खेले जाने की बू अब आम जनता को भी महसूस होने लगी है। सवाल यह उठता है कि जब धरना स्थल पर स्थायी निर्माण नहीं होना था, तो फिर प्राधिकरण ने महापौर के आश्वासन को ठेंगा दिखाने की हिम्मत कैसे की?
अयोध्या में यह पहला मौका नहीं जब विकास कार्यों की आड़ में गुणवत्ता और जवाबदेही दोनों गायब मिली हो। अब “ओम स्तंभ” बन गया है भ्रष्टाचार का प्रतीक जो न केवल शासन की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि जनता के विश्वास की भी धज्जियाँ उड़ाता है। लगता है, अयोध्या में अब विकास नहीं, विकास प्राधिकरण खुद प्रदर्शन के लायक हो गया है!
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