अम्बेडकर नगर: महरुआ विद्युत उपकेंद्र जांच का प्रकरण: सात दिन का आदेश जांच का 21 दिन बाद भी अधूरी, विभाग का 'स्लो मोशन' जलवा

अचल वार्ता,अंबेडकर नगर। महरुआ-11/33 विद्युत उपखंड में भ्रष्टाचार प्रकरण की जांच “कछुआ चाल” से आगे बढ़ रही है। ग्रामीणों को उम्मीद थी कि सात दिन में हकीकत सामने आ जाएगी, लेकिन अब तीन हफ्ते बीत चुके हैं और जांच अभी भी “लोडिंग प्लीज़ वेट” पर अटकी हुई है।
जांच के नाम पर टालमटोल
ग्रामीणों का कहना है – “जांच तो शुरू हो गई, पर खत्म कब होगी, ये सिर्फ ऊपर वाला और बिजली विभाग वाला ही जानता है।”
लोगों ने तंज कसा कि देरी महज लापरवाही नहीं, बल्कि “मामले को चार्जिंग मोड में डालकर पावर सेव” कर दिया गया है।
अधीक्षण अभियंता का तर्क
जब मीडिया ने अधीक्षण अभियंता से फोन पर पूछा तो जवाब मिला –“देखिए, विभाग बिजली सप्लाई और मेंटेनेंस में व्यस्त है। मामला बड़ा है, इसलिए समय लग रहा है।”
गांव में इसे सुनकर लोग बोले – “बड़ा मामला है या बड़ा बहाना, ये हमें नहीं पता। लेकिन जांच तो ‘नो करंट’ मोड में चली गई है।”
जनता का सवाल – ‘ये देरी क्यों?’
ग्रामीणों का कहना है कि अधीक्षण अभियंता का बयान उन्हें उतना ही अधूरा लगा जितनी अधूरी जांच।
लोग चुटकी लेते हुए बोले –
“बिजली विभाग वाले शाम के भूले नहीं, बल्कि पूरी रात वाले भूले साबित हो रहे हैं। और यहां तो ‘भूला’ घर लौटने का नाम ही नहीं ले रहा।”
जहां ग्रामीण जवाब चाहते हैं, वहीं विभाग ‘विलंब’ की बिजली से जनता को झटका दे रहा है। अब सवाल साफ है – “कनेक्शन की जांच पहले पूरी होगी या अगले साल की ठंडक आ जाएगी?”
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