अंबेडकर नगर: बिजली विभाग में भ्रष्टाचार का नया कारनामा उजागर

Aug 22, 2025 - 18:08
Aug 27, 2025 - 23:11
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अंबेडकर नगर:  बिजली विभाग में भ्रष्टाचार का नया कारनामा उजागर

33 केवी मरैला उपकेंद्र का मामला, उपभोक्ता से लाखों की अवैध वसूली

अंबेडकर नगर , अचल वार्ता। जिले का बिजली विभाग एक बार फिर भ्रष्टाचार के आरोपों से घिर गया है। ताज़ा मामला 33 केवी मरैला उपकेंद्र का है, जहां उपभोक्ता से अवैध वसूली और हेराफेरी का बड़ा खुलासा हुआ है।

 मौर्यनगर गौहन्ना शहजादपुर निवासी उपभोक्ता श्रीमती दीपावली लाइन खींचवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन संख्या 1012171934 के तहत 20 जून 2024 को विभागीय स्टीमेट व कनेक्शन शुल्क ₹53,016 जमा किया था।

लेकिन, विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक आउटसोर्स संविदा कर्मी लाइनमैन बालमुकुंद गुप्ता ने उपभोक्ता से अलग से रकम वसूली। आरोप है कि गुप्ता ने उपभोक्ता श्रीमती दीपावली (पत्नी दुर्गेश कुमार) को निजी लाभ पहुंचाने के लिए उपभोक्ता से 33 केवी सबस्टेशन में तैनात बालमुकुंद गुप्ता अपने निजी खाते में गूगल पे के जरिए अलग-अलग किस्तों में रुपए मंगवाए—

 27/07/2024 – ₹3000 (Txn No. 457541491419)

 19/07/2024 – *₹10,000  (Txn No. 417177041588)

 19/06/2024 – ₹20,000 (Txn No. 417177047023)

 19/06/2024 – ₹5,000  (Txn No. 417177098834)

 इस तरह कुल ₹38,000 बालमुकुंद गुप्ता के निजी खाते में ट्रांसफर किए गए।

विभागीय स्टीमेट रसीद संख्या 1012171934चार पोल का स्टीमेट, लेकिन खड़े कर दिए आठ पोल

 मामले में सबसे हैरानी की बात यह है कि विभागीय स्टीमेट केवल चार पोल का बनाया गया, लेकिन ज़मीन पर आठ पोल खड़े कर दिए गए। सवाल उठ रहा है कि विभाग की जानकारी के बिना अतिरिक्त पोल कैसे लगाए गए? यह गोरखधंधा विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत की ओर इशारा करता है।

सूत्रों का दावा है कि इस खेल में विभाग को लाखों का चूना लगाया गया है। बालमुकुंद गुप्ता खुलेआम कहता है— “मेरी पहुंच सीधे चीफ साहब तक है, मैं ऊपर तक पैसे देता हूं। अधीक्षण अभियंता मेरे जेब में हैं, किसी की हिम्मत नहीं है कार्रवाई करने की।”

 पुराना विवाद भी रहा है 

 विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त जानकारी यह पहला मामला नहीं है इससे पहले भी जब बालमुकुंद गुप्ता की तैनाती जाफरगंज पावर हाउस पर थी, तब एक चक्की कनेक्शन के मामले में गड़बड़ी पकड़ी गई थी।

उस समय शिकायत पर अधिशाषी अभियंता ने कार्यदायी संस्था को निर्देश देकर बालमुकुंद गुप्ता की नौकरी समाप्त करवाई थी।

 बड़ा सवाल

 आखिर इतनी शिकायतों और सबूतों के बावजूद बालमुकुंद गुप्ता जैसे संविदा कर्मियों को संरक्षण क्यों मिल रहा है? क्या वाकई उच्च अधिकारी भी इन सब मामलों में संलिप्त है फिर हाल देखना यह है कि बिजली विभाग के उच्च अधिकारी इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते है इसकी जानकारी दी जाएगी

 मरैला उपकेंद्र के अवर अभियंता और उपखंड अधिकारी से मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास किया गया परंतु संपर्क नहीं हो पाया

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