अयोध्या: मिल्कीपुर के बंसावा पूरे बनई का पुरवा गांव में कीचड़ भरे रास्तों से ग्रामीण परेशान, प्रशासन की उदासीनता बरकरार

अचल वार्ता,अयोध्या। मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सभा बंसावा पूरे बनई का पुरवा गांव की करीब छ सौ की आबादी कई वर्षों से कीचड़ भरे रास्तों से गुजरने को मजबूर है। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में सड़क पर जलभराव और कीचड़ की समस्या इतनी गंभीर हो जाती है कि दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित होता है। खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों और बुजुर्गों को इस समस्या का सबसे ज्यादा सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से बार-बार शिकायत की, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई और समस्या जस की तस बनी हुई है।
ग्रामीणों में कुलदीप नारायण, दयाशंकर तिवारी, राम ओंकार तिवारी, कमलाकांत तिवारी, धनानंद तिवारी सहित अन्य ने बताया कि गांव में लगभग 20 साल पहले 150 मीटर खंड़जा सड़क का निर्माण हुआ था। तब से इस सड़क की कोई मरम्मत नहीं की गई, जिसके कारण यह पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। ग्राम प्रधान ने गांव में एक नई सड़क तो बनवाई, लेकिन नाली की व्यवस्था न होने के कारण पुरानी सड़क गहराई में चली गई।
बरसात के दौरान सड़क पर पानी जमा हो जाता है, जिससे कीचड़ की स्थिति और बदतर हो जाती है।ग्रामीणों ने बताया कि इस कारण बच्चों को स्कूल जाने और बुजुर्गों को घर से बाहर निकलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को कई बार ग्राम प्रधान, क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के सामने उठाया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्राम प्रधान पर आरोप है कि उन्होंने दूसरी सड़क बनवाने में प्राथमिकता दी, लेकिन पुरानी सड़क की समस्या की अनदेखी की।
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) मिल्कीपुर, कमला प्रसाद श्रीवास्तव से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया की मामले को दिखाते हैं।बरसात के मौसम में सड़क पर जलभराव और कीचड़ की स्थिति ग्रामीणों के लिए जीवन दूभर कर देती है। बच्चे स्कूल जाने के लिए कीचड़ में से होकर गुजरते हैं, तो बुजुर्गों को चलने-फिरने में भारी परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की मरम्मत और नाली निर्माण के लिए ठोस कदम उठाए जाने की जरूरत है।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला है।
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