भाजपा के इतिहास में 20 जनवरी 2026 बनेगा बदलाव का दिन, नितिन नवीन बनेंगे नए राष्ट्रीय अध्यक्ष

20 जनवरी 2026 को नितिन नवीन भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे। आडवाणी और जोशी तकनीकी कारणों से मतदान नहीं कर पाएंगे, संगठन में बड़ा बदलाव तय।

Jan 18, 2026 - 12:37
Jan 24, 2026 - 22:45
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भाजपा के इतिहास में 20 जनवरी 2026 बनेगा बदलाव का दिन, नितिन नवीन बनेंगे नए राष्ट्रीय अध्यक्ष

नई दिल्ली, अचल वार्ता। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इतिहास में 20 जनवरी 2026 का दिन एक बड़े संगठनात्मक बदलाव का गवाह बनने जा रहा है। पार्टी के 45 वर्षीय युवा नेता नितिन नवीन का भाजपा के अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है। वर्तमान में वे दिसंबर 2025 से पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और अब पूर्णकालिक अध्यक्ष बनने जा रहे हैं।

इस चुनाव की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि भाजपा के संस्थापक सदस्य और दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी तथा मुरली मनोहर जोशी इस बार मतदान नहीं कर सकेंगे। 1980 में भाजपा की स्थापना के बाद यह पहला अवसर होगा, जब दोनों नेताओं का नाम राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव की मतदाता सूची में शामिल नहीं होगा।

तकनीकी कारणों से नहीं कर पाएंगे मतदान

पार्टी सूत्रों के अनुसार इसके पीछे कोई राजनीतिक कारण नहीं, बल्कि तकनीकी वजह है। भाजपा के संविधान के अनुसार राष्ट्रीय परिषद का सदस्य बनने के लिए संबंधित राज्य में संगठनात्मक चुनावों का पूरा होना अनिवार्य है।

वर्तमान में आडवाणी और जोशी दिल्ली से राष्ट्रीय परिषद के सदस्य हैं, लेकिन दिल्ली प्रदेश भाजपा में संगठनात्मक चुनाव अभी लंबित हैं। जब तक मंडल, जिला और प्रदेश स्तर के चुनाव पूरे नहीं होते, तब तक वहां से राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों का चयन संभव नहीं है।

बिहार से निकलकर राष्ट्रीय अध्यक्ष तक

नितिन नवीन बिहार के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक और पूर्व मंत्री रह चुके हैं। वे भाजपा के वरिष्ठ नेता दिवंगत नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के पुत्र हैं। आरएसएस की पृष्ठभूमि से आने वाले नितिन नवीन को संगठन पर मजबूत पकड़ और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में पार्टी की चुनावी सफलता में अहम भूमिका निभाने के लिए जाना जाता है।

19 जनवरी को नामांकन, 20 को घोषणा

भाजपा के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी के. लक्ष्मण ने चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है।19 जनवरी को दोपहर 2 से 4 बजे तक नामांकन दाखिल होगा । उसी दिन नामांकन पत्रों की जांच और वापसी की प्रक्रिया पूरी होगी। 20 जनवरी 2026 को आवश्यकता पड़ने पर मतदान होगा, अन्यथा निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा की जाएगी। नितिन नवीन के नामांकन प्रस्तावकों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल होंगे।

2029 की तैयारी सबसे बड़ी चुनौती

जेपी नड्डा का स्थान लेने जा रहे नितिन नवीन के सामने सबसे बड़ी चुनौती 2029 के लोकसभा चुनाव के लिए संगठन को तैयार करना और आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन को और मजबूत करना होगी।

युवा नेतृत्व के जरिए भाजपा अब अपनी अगली पीढ़ी की टीम तैयार करने और संगठन को नए सिरे से सशक्त करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

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