अम्बेडकरनगर: भाजपा नगर पंचायत अध्यक्ष का चुनाव रद्द, अपराधिक केस छुपाने का लगा आरोप
अम्बेडकरनगर, अचल वार्ता। जिले की अशरफपुर किछौछा नगर पंचायत में राजनीतिक भूचाल आ गया है। अपर सत्र न्यायाधीश (प्रथम) परविंद कुमार की अदालत ने भाजपा समर्थित नगर पंचायत अध्यक्ष ओंकार गुप्ता का चुनाव पूरी तरह रद्द कर दिया है।
कोर्ट ने पाया कि ओंकार गुप्ता ने नामांकन के दौरान दिए शपथ-पत्र में अपने खिलाफ दर्ज लंबित एवं निपटाए जा चुके अपराधिक मुकदमों की जानकारी जानबूझकर छुपाई थी। यह बड़ा फैसला 2023 के नगर निकाय चुनाव में चौथे स्थान पर रहे प्रत्याशी गुरु प्रसाद की चुनाव याचिका पर सुनाया गया है। गुरु प्रसाद ने 18 जुलाई 2023 को याचिका दाखिल कर गंभीर आरोप लगाया था कि ओंकार गुप्ता ने जानबूझकर आपराधिक रिकॉर्ड छिपाया, जो नामांकन के लिए अनिवार्य है।
कोर्ट में क्या हुआ?
- ओंकार गुप्ता के वकील सुभाष त्रिपाठी ने दलील दी कि याचिका 30 दिन की समय-सीमा के बाद दाखिल हुई है, इसलिए खारिज होनी चाहिए।
- गुरु प्रसाद के अधिवक्ता ने लिमिटेशन एक्ट का हवाला देकर समय-सीमा में छूट की मांग की।
- दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर ली।
- 10, 13 और 15 नवंबर को अंतिम सुनवाई हुई। पिछले शनिवार को फैसला सुरक्षित रखा गया और आज यह ऐतिहासिक आदेश सुनाया गया।
राजनीतिक हलचल तेज
2023 में 13 मई को घोषित परिणामों में भाजपा टिकट पर जीते ओंकार गुप्ता की कुर्सी अचानक चली गई। जिले से लेकर लखनऊ तक भाजपा के गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। विपक्षी दल इसे “भाजपा की नैतिक हार” बता रहे हैं, वहीं भाजपा खेमे में इसे “तकनीकी आधार पर साजिश” करार देने की तैयारी शुरू हो गई है।गुरु प्रसाद के अधिवक्ता ने फैसले की पुष्टि करते हुए कहा,
“न्यायालय ने साफ कहा है कि अपराधिक रिकॉर्ड छुपाना लोकतंत्र के साथ धोखा है। यह फैसला पूरे प्रदेश के लिए मिसाल बनेगा।”
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि भाजपा इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट जाएगी या अशरफपुर किछौछा में दोबारा चुनाव का ऐलान होगा?
सूत्रों से मिली जानकारी अभी-अभी मिली जानकारी के अनुसार ओंकार गुप्ता खेमे ने हाईकोर्ट जाने की तैयारी शुरू कर दी है। आने वाले दिन इस छोटे से कस्बे की राजनीति को पूरे प्रदेश की सुर्खियों में ला सकते हैं।
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