शिकवा नहीं अल्लाह का शुक्र अदा करना चाहिए : मौलाना कुम्मी
- नहरबाग में मरहूम कासिम रजा के यहां निकला अलम मुबारक
अयोध्या। इंसान को हर हाल में अल्लाह का शुक्र अदा करना चाहिए। अपने शिकवों से बेहतर है कि अल्लाह का सजदाए शुक्र अदा कीजिए ताकि अल्लाह आपको हर नेमअत से नवाजता रहे। हम ये क्यों नहीं सोचते खालिक ने हमें मखलूख बनाया और जिंदगी दी फिर भी इंसान नाशुक्री पर आमादा रहता है। यह नसीहत मौलाना जफर अब्बास कुम्मी ने बुधवार रात नहरबाग में मरहूम कासिम रजा के यहां आयोजित कदीमी मजलिस में दी। उन्होंने कहा कि अल्लाह ने हमें आंख, नाक, कान और जिस्म में तमाम चीजें अदा की लेकिन हम भूल जाते हैं। उन्होंने कहा कि जरा उन्हें देखिए जो इनसे माजूर हैं तभी इंसान को अल्लाह की नेअमतों का एहसास होगा। मौलाना ने कहा कर्बला वालों ने तमाम जुल्मऔर सितम बर्दाश्त कर अल्लाह की रहमत का शुक्र और सजदा अदा किया। मौलाना ने कर्बला और कैदखाने के मसायब बयान किए तो लोग रो पड़े। इससे पहले मरहूम हैदर अली अलवी के यहां से अलम मुबारक बरामद होकर मरहूम कासिम रजा के यहां तक गया। जिसमें अंजुमनें आबिदिया ने नौहाख्वानी और सीनाजनी की। मरहूम कासिम रजा के यहां हुई कदीमी शब्बेदारी में अंजुमनें हुसैनिया, अंजुमनें हैदरिया, अंजुमनें मासूमिया, अंजुमनें गुंचे मजलूमिया, अंजुमनें नासिरिया कदीमी, इमामे जाफरिया, बज्मे नासिरिया, रुहे ईमान ने नौहाख्वानी और सीनाजनी की। इस मौके पर सभी अंजुमनों को हदिया पेश किया गया। हाशिम रजा, आफताब रजा, महताब रजा, मो कुमैल रजा, काजिम हुसैन, मो अली हुसैन ने खिदमत अंजाम दी और मोमनीन का शुक्रिया अदा किया।
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