लखीमपुर खीरी : डीएम ने की आईजीआरएस प्रकरणों की गहन समीक्षा, शिकायतकर्ता की संतुष्टि को बनाया प्राथमिकता
- डीएम ने की आईजीआरएस प्रकरणों की गहन समीक्षा, दिए निर्देश
- आईजीआरएस पर डीएम सख्त : बोले शिकायतकर्ता संतुष्ट तभी मानें निस्तारण
लखीमपुर खीरी , अचल वार्ता। जन शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर अब प्रशासन का रुख और सख्त हो गया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित अटल सभागार में आईजीआरएस प्रकरणों की समीक्षा करते हुए डीएम अंजनी कुमार सिंह ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि के बिना किसी भी मामले का निस्तारण पोर्टल पर अपलोड न किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी प्रकरण डिफॉल्टर की श्रेणी में न पहुंचे। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायतकर्ता से अनिवार्य रूप से संपर्क कर उनकी संतुष्टि को प्राथमिकता दी जाए।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि बिना शिकायतकर्ता से संपर्क किए किसी भी प्रकरण का निस्तारण पोर्टल पर अपलोड न किया जाए। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी अफसर प्रतिदिन अपने-अपने आईजीआरएस पोर्टल लॉगिन पर प्राप्त शिकायतों का स्वयं पर्यवेक्षण करें और उनका गुणवत्तापरक, समयबद्ध व संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित करें।
समीक्षा बैठक में डीएम अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि आईजीआरएस शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने विभागाध्यक्षों से कहा कि जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करें। यदि किसी अधिकारी का संदर्भ डिफॉल्टर पाया गया तो संबंधित के खिलाफ एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से फीडबैक अवश्य लिया जाए, ताकि समाधान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। उन्होंने कहा कि कई मामलों में औपचारिक निस्तारण कर दिया जाता है, जबकि शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं होता। ऐसी स्थिति दोबारा नहीं होनी चाहिए।।
बैठक में विभागवार लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए डीएम ने कहा कि जहां भी शिकायतें लंबित हैं या शिकायतकर्ता असंतुष्ट है, वहां तत्काल कारणों का पता लगाकर प्रभावी समाधान कराया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर जवाबदेही तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। एडीएम (न्यायिक) ब्रजपाल सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईजीआरएस शिकायतों का निस्तारण पूरी संवेदनशीलता और गुणवत्ता के साथ किया जाए।
उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की संतुष्टि सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में सभी जिला स्तरीय अधिकारी शामिल हुए।
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