अयोध्या: आशा कार्यकर्ताओं का आक्रोश: अमानीगंज ब्लॉक में सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी, 11 बिंदुओं पर सौंपा ज्ञापन
मिल्कीपुर,अयोध्या, अचल वार्ता। अमानीगंज विकास खंड की आशा एवं आशा संगिनी कार्यकर्त्रियों ने शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खंडासा पर पहुंचकर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इन महिला स्वास्थ्य कार्यकर्त्रियों ने अपनी लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि पवन सिंह को सौंपा।
उनका का कहना है कि वे सरकार की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं को सफल बनाने में अहम भूमिका निभा रही हैं, लेकिन बदले में उन्हें न तो सम्मानजनक मानदेय मिल रहा है और न ही उचित कार्यभार। इस प्रदर्शन में सैकड़ों आशा कार्यकर्त्रियों ने भाग लिया, जो ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की रीढ़ मानी जाती हैं। आसाओं ने बताया कि ठंड, गर्मी और बरसात जैसे विपरीत मौसम में भी वे सरकार की स्वास्थ्य योजनाओं को जमीन पर उतारने में लगी रहती हैं। मूल रूप से आठ प्रकार के कार्यों के लिए नियुक्त की गई आशा एवं आशा संगिनी को अब 2023-24 की गाइडलाइन के तहत 53 प्रकार के कार्य सौंपे जाते हैं, जबकि अतिरिक्त जिम्मेदारियां बिना किसी अतिरिक्त लाभ के थोपी जा रही हैं।
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि बिना किसी प्रशिक्षण के उन्हें डाटा ऑपरेटर जैसे जटिल कार्य करने पड़ते हैं। इनमें आयुष्मान कार्ड, आभा कार्ड, सी बैंक फॉर्म, कवच पोर्टल पर सर्वे, दस्तक अभियान, फाइलेरिया उन्मूलन, कोविड़़ जैसी महामारियों में सेवा, भारत को पोलियो मुक्त बनाने का अभियान, अतिरिक्त संचारी रोग नियंत्रण, दस्तक अभियान, टीबी खोज अभियान और 100 दिवसीय विशेष कार्य शामिल हैं। ये सभी कार्य पूरी तरह मुफ्त कराए जा रहे हैं।
एक आशा कार्यकर्ता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "हमारी जिम्मेदारी तो गांव की महिलाओं और बच्चों की सेहत है, लेकिन रात के समय प्रसव या आपातकालीन स्थिति में भी हमें दौड़ना पड़ता है। ग्राम सभा में 1,000 से 1,500 की आबादी पर अगर कोई बीमार पड़ जाए, तो हम ही पहली कड़ी हैं। इसके बावजूद राज्य सरकार हमें सम्मानजनक मानदेय नहीं दे रही। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित 11 बिंदुओं पर अपनी मांगे स्पष्ट की है।
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