अकबरपुर चीनी मिल ने शुरू किया 2025-26 पेराई
- सत्र किसानों के खाते में 14.03 करोड़ रुपये ट्रांसफर, सप्ताह में दो बार होगा भुगतान
अम्बेडकरनगर , अचल वार्ता। अकबरपुर चीनी मिल ने गन्ना पेराई सत्र 2025-26 शुरू कर दिया है। मिल ने अभी तक 4.40 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है और सत्र शुरू होने से 19 नवम्बर तक आपूर्ति किए गए गन्ने का कुल 14 करोड़ 3 लाख रुपये का भुगतान किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया गया है। इस सत्र में मिल ने 90 लाख क्विंटल गन्ना पेराई का लक्ष्य रखा है।मिल प्रबंधन ने बताया कि किसानों को त्वरित भुगतान देने की परंपरा जारी रहेगी और इस बार भी सप्ताह में दो बार गन्ना मूल्य का भुगतान किया जाएगा। किसानों से अपील की गई है कि वे अपना गन्ना औने-पौने दामों पर कोल्हू या माफिया को न बेचें, बल्कि पूरी मात्रा चीनी मिल में लाकर उचित मूल्य प्राप्त करें और अपना बेसिक कोटा बढ़ाएं।मिल गेट पर व्यवस्था सुचारू रखने के लिए शिफ्ट सिस्टम लागू किया गया है।
किसानों से अनुरोध है कि वे निर्धारित शिफ्ट में ही गन्ना लेकर आएं। बिना पर्ची और एसएमएस के गन्ना काटने से बचें, क्योंकि कटाई के बाद गन्ने का वजन तेजी से घटता है और मजबूरी में कम दाम पर बेचना पड़ता है। गन्ना बांधने के लिए सूखी पत्तियां या धान का पुआल इस्तेमाल करें, गन्ने को बीच से न काटें और जड़-पत्ती-अगौला रहित, साफ-सुथरा तथा ताजा गन्ना ही मिल में लाएं।
धान कटाई के बाद खाली खेतों में पीली सरसों बोने की सलाह दी गई है ताकि फरवरी-मार्च में खेत खाली हो जाने पर समय से बसंतकालीन गन्ने की बुवाई हो सके।
साथ ही किसानों को निम्न सुझाव दिए गए:खेत में पराली या फसल अवशेष न जलाएं, ट्रेस मल्चर से खाद बनाएं। को-0238 में लाल सड़न रोग फैल रहा है, इसके स्थान पर को-15023, को-0118, कोलख 16202, कोलख 14201 तथा कोशा 13235 जैसी रोग-प्रतिरोधी प्रजातियां लगाएं। बुवाई से पहले भूमि उपचार और बीज शोधन जरूर करें।
अपनी गन्ना बीज जरूरत के लिए स्वयं पौधशाला लगाएं। अधिक लाभ के लिए दूसरी पेड़ी (रतून) अवश्य रखें।मिल प्रबंधन ने सभी गन्ना उत्पादक किसानों से सुचारू आपूर्ति में पूरा सहयोग देने की अपील की है।
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