पुलिस टीम पर हमले के 16 दोषियों को उम्रकैद, 15 साल बाद आया फैसला
मुरादाबाद, अचल वार्ता। थाना मैनाठेर क्षेत्र में वर्ष 2011 में पुलिस टीम पर हुए जानलेवा हमले के बहुचर्चित मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 16 अभियुक्तों को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने सभी दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही प्रत्येक पर 55-55 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
लंबे समय से लंबित इस मामले में करीब 15 वर्षो बाद आए इस फैसले को न्यायिक प्रक्रिया की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। घटना 6 जुलाई 2011 को डींगरपुर कस्बे के एक पेट्रोल पंप के पास हुई थी, जब पुलिस टीम कानून-व्यवस्था से संबंधित कार्रवाई के लिए क्षेत्र में पहुंची थी।
इसी दौरान आरोपियों ने संगठित होकर पुलिस टीम पर हमला बोल दिया। हमलावरों ने लाठी-डंडों और अवैध हथियारों का इस्तेमाल करते हुए पुलिसकर्मियों को निशाना बनाया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस हमले में तत्कालीन डीआईजी अशोक कुमार सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके अलावा अन्य पुलिसकर्मियों को भी चोटें आई। हमलावरों ने न केवल पुलिस टीम पर हमला किया, बल्कि सरकारी पिस्टल लूट ली और सरकारी संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया।
घटना के बाद थाना मैनाठेर में आरोपियों के खिलाफ बलवा, हत्या के प्रयास, डकैती, सरकारी कार्य में बाधा डालने और लोक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस द्वारा साक्ष्य संकलन और गवाहों के बयान के आधार पर मामले की विवेचना पूरी की गई। इस मामले में लंबी न्यायिक प्रक्रिया, गवाहों और ठोस साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने सभी 16 आरोपियों को दोषी पाया। न्यायालय ने विभिन्न धाराओं के तहत अलग-अलग सजाएं भी सुनाई हैं, हालांकि सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी, जिसके तहत दोषियों को आजीवन कारावास भुगतना होगा।
इस फैसले को कानून व्यवस्था के प्रति सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि पुलिस और कानून के खिलाफ हिंसा करने वालों को सजा जरूर मिलती है। साथ ही यह निर्णय पीड़ित पुलिसकर्मियों के लिए न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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