स्मार्ट प्रीपेड मीटर के विरोध में विधायकों ने सौंपा ज्ञापन
मुरादाबाद/लखनऊ, अचल वार्ता। उत्तर प्रदेश में लगाए जा रहे स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटरों के खिलाफ जनप्रतिनिधियों ने मोर्चा खोल दिया है। मुरादाबाद विधानसभा देहात 27 के विधायक हाजी नासिर कुरेशी समेत कई अन्य विधायकों ने प्रदेश के अपर मुख्य सचिव ऊर्जा स्रोत को ज्ञापन देकर इन मीटरों को तत्काल प्रभाव से हटाकर पुनः पुराने पोस्टपेड मीटर लगाने की मांग की है।
विधायकों का दावा है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिलों में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है, जिससे आम जनता और किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। आंकड़ों के साथ नजीबाबाद विधायक तस्लीम अहमद ने पत्र में चौंकाने वाले आंकड़े पेश करते हुए बताया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने के बाद औसतन बिजली खपत 100.21 यूनिट से बढ़कर सीधे 219.15 यूनिट तक पहुंच गई है। यह लगभग 84.24 प्रतिशत की भारी वृद्धि है। पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि मीटरों की इस गड़बड़ी के कारण गरीब परिवारों और किसानों को अपनी जेब से अतिरिक्त राशि का भुगतान करना पड़ रहा है।
जनप्रतिनिधियों ने शिकायती पत्र में प्रीपेड सिस्टम की तकनीकी खामियों पर भी सवाल उठाए हैं। विधायकों का कहना है कि भुगतान करने के बावजूद कई मामलों में 2 से 3 दिनों तक बिजली आपूर्ति बहाल नहीं होती। भीषण गर्मी के इस मौसम में उपभोक्ताओं को अकारण विद्युत कटौती झेलनी पड़ रही है।
उन्होंने कहा कि अग्रिम भुगतान की राशि और यूनिट गणना में भारी अनियमितताएं देखी जा रही हैं। इस मुद्दे पर विधायक तस्लीम अहमद के साथ विधायक हाजी नासिर कुरैशी, विधायक मोहम्मद फहीम इरफान, विधायक मनोज पारस और विधायक रफीक अंसारी ने भी अपने हस्ताक्षर कर इस मांग का समर्थन किया है। विधायकों ने सरकार से निवेदन किया है कि प्रदेश के लाखों उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए प्रीपेड स्मार्ट मीटरों को पोस्टपेड मीटरों में परिवर्तित करने के आदेश जल्द से जल्द जारी किया जाए।
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