अयोध्या: वायु प्रदूषण निगरानी के लिए विवि को मिले 50 लाख के 16 रेस्पिरेबल डस्ट सैंपलर

- क्षेत्रीय स्तर पर वायु प्रदूषण का हो सकेगा सटीक आंकलन: डॉ विनोद कुमार चौधरी
अचल वार्ता,अयोध्या। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग को उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से वायु गुणवत्ता अनुश्रवण परियोजना के अंतर्गत अत्याधुनिक उपकरण प्राप्त हुए हैं। बोर्ड की ओर से अवध विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभाग को 50 लाख के कुल 16 रेस्पिरेबल डस्ट सैंपलर प्रदान किए गए हैं।
यह सभी उपकरण वायु गुणवत्ता पर निगरानी और शोध के क्षेत्र में विभाग की क्षमताओं को देखेगें। इन
उपकरणों में आठ रेस्पिरेबल डस्ट सैंपलर (आरडीएस) पीएम - 10 की निगरानी के लिए और आठ पीएम 2-5 सैंपलर सूक्ष्म कणों के लिए तथा एक अतिसूक्ष्म जो उच्च शुद्धता द्वारा फिल्टर पर जमा कणों का वजन मापने में सहायक होगा। इन सभी यंत्रों की आपूर्ति विश्वविद्यालय को हो गई है। इनकी अनुमानित कुल लागत 50 लाख से अधिक बताई जा रही है। पर्यावरण संरक्षण एवं शोध परियोजनाओं के क्षेत्र में यह एक उल्लेखनीय कदम है। इन यंत्रों की आपूर्ति से इससे विभाग को उच्च स्तरीय पर्यावरण में हो रहे बदलाव के मापन की क्षमता प्राप्त होगी। इससे विभाग में शोध और प्रशिक्षण दोनों स्तरों पर सुविधा बढ़ेगी। विभागाध्यक्ष डॉ. विनोद कुमार चौधरी के नेतृत्व में यह परियोजना आरंभ की जा रही है। उन्होंने बताया कि उपकरणों का ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है।
चार जिलों में स्थापित किए जायेगें यह उपकरण
अब इन्हें चार जिलोंअंबेडकर नगर, गोंडा, बहराइच और श्रावस्ती में चयनित स्थलों पर स्थापित किया जाएगा। जिससे क्षेत्रीय स्तर पर वायु प्रदूषण की सटीक स्थिति का पता लगाया जा सके। इस परियोजना के क्रियान्वयन के लिए शोध सहायकों और फील्ड असिस्टेंट्स की नियुक्ति प्रक्रिया अभी चल रही है। नियुक्ति के बाद, सभी को विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण दिया जाएगा। एक सितंबर से संबंधित जिलों में उपकरणों को स्थापित कर सावधानीपूर्वक संचालन शुरु कर दिया जाएगा।
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