अलास्का में होने वाली बैठक रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्ति के लिए अहम

- अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रयासों की यूरोपीय देशों ने की सराहना
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच अलास्का में होने वाली बैठक रुस यूक्रेन युद्ध समाप्ति के लिए अहम साबित हो सकती है। यदि यह बैठक सफल रही तो रूसी तेल के आयात की वजह से भारत पर अमेरिका के लगाए 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ से बचा जा सकता है।
ट्रंप ने फॉक्स रेडियो को दिए एक साक्षात्कार में रूस के राष्ट्रपति के साथ समझौता होने की उम्मीद जताई है। वहीं, पुतिन ने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध की समाप्ति के लिए ट्रंप प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, इस बैठक में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की शामिल नहीं हो रहे हैं। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने मुलाकात के दौरान संयुक्त रूप से कहा था कि ट्रम्प-पुतिन वार्ता प्रगति का एक व्यवहार्य अवसर प्रस्तुत करती है, बशर्ते पुतिन यह साबित करने के लिए कदम उठाएं कि वह शांति के प्रति गंभीर हैं। बैठक को लेकर उन्होंने कहा है कि यूक्रेन से संबंधित हर चीज का निर्णय यूक्रेन की भागीदारी से ही लिया जाना चाहिए। वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि अंतिम समझौता राष्ट्रपति जेलेंस्की और पुतिन को ही करना है। ट्रंप ने कहा है कि अलास्का में पुतिन के साथ होने वाली उनकी बैठक अगले दौर की बैठक की रूप रूपरेखा तय करेगी। अगली बैठक संभवतः अलास्का में ही होगी और इसमें यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की भी शामिल हो सकते हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि दूसरे दौर की वार्ता ज्यादा अहम होगी। इसमें मेरे, रूस और यूक्रेन के राष्ट्रपति के अलावा कई यूरोपिय नेता भी शामिल हो सकते हैं। वहीं रूस-यूक्रेन युद्ध समाप्त करने को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रयासों की ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली और पोलैंड जैसे यूरोपीय देशों ने सराहना भी की है।
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