सुल्तानपुर: मणि महेश कैलाश यात्रा को गये श्रद्धालुओं के दल की हुई सकुशल वापसी, हुआ स्वागत

अचल वार्ता,सुल्तानपुर । उत्तर भारत के प्रमुख तीर्थ स्थानों में शामिल व कठिन यात्राओं में से एक हिमाचल प्रदेश के बुद्धिल घाटी में भरमौर से 21 किलोमीटर दूर समुद्र तल से 13385 फीट ऊंचाई पर स्थित मणिमहेश कैलाश यात्रा श्रद्धालुओं के लिए हमेशा से एक बड़ी आस्था की यात्रा रही है, मान्यता है कि भगवान शिव मणिमहेश के कैलाश शिखर पर निवास करते हैं जो मणिमहेश झील से दिखाई देता है,यह यात्रा नवीं शताब्दी में स्थानीय राजा राजा साहिल बर्मन द्वारा भगवान शिव का दर्शन प्राप्त होने के बाद शुरू हुई थी और उन्होंने ही मणिमहेश झील पर मंदिर स्थापित करवाया था,इस यात्रा के लिए फिटनेस टेस्ट भी अनिवार्य रूप से कराना पड़ता है,सेनजीत कसौधन दाऊ कैलाशी ने बताया की इस वर्ष राज्य सरकार ने स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट को भी बहुत कड़ाई से लागू किया था,रजनीश बरनवाल का कहना था की यात्रा कठिन जरूर है लेकिन हर बढ़ता कदम उत्साहित करता है।
सुल्तानपुर पहुँचने पर दल में शामिल श्रद्धालुओं पवन कुमार साव,सेनजीत कसौधन दाऊ,रवि कसौधन,रजनीश बरनवाल,सिंपल बरनवाल,अजय रावत,अंकित अग्रहरि,शैलेंद्र अग्रहरी,सत्यम बरनवाल,दुर्गेश मोदनवाल,शारदा मोदनवाल का शंकर लाल कैलाशी,आलोक सागर,अमित दीपू आदि ने पुष्पवर्षा के साथ अंगवस्त्र पहनाकर स्वागत किया।
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