जमुनीपुर गांव के विकास कार्यों की खुल रही कलई, जलजमाव से भरी नालियाँ, ग्रामीणों में आक्रोश
- गांव में नालियों में जल जमाव से फैल रहा संक्रामक रोग, डेंगू में मलेरिया पसार रही पैर
गोशाईगंज,अयोध्या । सरकार गांवों के समग्र विकास के लिए पंचायती राज योजनाओं के तहत राज्य वित्त, पंचम वित्त, मनरेगा, 14वें और 15वें वित्त आयोग जैसे अनेक माध्यमों से करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य गांवों में मूलभूत सुविधाओं जैसे पक्की सड़कें, नालियाँ, आरसीसी निर्माण, स्वच्छता एवं अन्य आवश्यक संरचनाओं का निर्माण कर गांवों को आदर्श बनाना है। लेकिन जमुनीपुर गांव, पोस्ट बलरामपुर, गोशाईगंज अयोध्या की जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। गांव में बनाई गई नालियाँ सरकारी दस्तावेजों में तो स्वच्छता अभियान का हिस्सा बनकर दर्ज हैं, लेकिन हकीकत में ये नालियाँ गंदे पानी से लबालब भरी पड़ी हैं। पानी निकासी की कोई समुचित व्यवस्था न होने के कारण संक्रामक बीमारियाँ जैसे डेंगू, मलेरिया और टाइफाइड ने गांव में दस्तक दे दी है। मच्छरों की भरमार से बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का जीवन संकट में है। गांववासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार ग्राम प्रधान माधव राम निषाद से मौखिक रूप से नाली की मरम्मत और जलनिकासी की समस्या को लेकर शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। नतीजतन गांव की लगभग 120 परिवारों ने अब खंड विकास अधिकारी (BDO) को लिखित रूप से ज्ञापन देने की ठानी है, ताकि प्रशासन की नींद खुले और उनकी समस्या का स्थायी समाधान निकले। इस दौरान ग्रामीणों — शिव कुमार चौहान, रंजू, महेंद्र चौहान, राम प्रवेश, गंगादेई, रामदीन, साधना, विजय कुमार, अर्जुन चौहान, मिलन, गीता, रेशमा, विलाश समेत सैकड़ों लोगों ने एकजुट होकर अपने आक्रोश को सार्वजनिक किया और चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे जिला मुख्यालय तक प्रदर्शन करेंगे। ग्रामीणों की मांग है कि पंचायत विभाग एवं प्रशासन गांव में हुए विकास कार्यों की स्वतंत्र जांच कराए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि सरकारी धन का दुरुपयोग रोका जा सके और असली लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुँचे। अब देखना यह होगा कि प्रशासन कब तक गांववालों की आवाज़ सुनेगा और ज़मीनी हकीकत पर कोई ठोस कदम उठाया जाएगा या फिर सरकारी योजनाएं यूं ही कागजों में दम तोड़ती रहेंगी।
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