अयोध्या : कथा श्रवण करने से जीव का होता है उद्धार- आचार्य धरणीधर
पूराबाजार, अयोध्या, अचल वार्ता। चरांवा मे आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के समापन अवसर पर कथा प्रवक्ता आचार्य धरणीधर जी महराज ने कहा कि कथा सुनने से जीव का उद्धार हो जाता है।
आचार्य धरणीधर जी महाराज ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा का सात दिनों तक श्रवण करने से जीव का उद्धार हो जाता है, वहीं इस कथा को कराने वाले भी पुण्य के भागी होते हैं। अंतिम दिन शुकदेव द्वारा राजा परीक्षित को सुनाई गई श्रीमद् भागवत कथा का पूर्णता प्रदान करते हुए कथा में विभिन्न प्रसंगों का वर्णन किया। वहीं उन्होंने सात दिन की कथा का सारांश बताते हुए कहा कि जीवन कई योनियों के बाद मिलता है मानव योनि और इसे कैसे जीना चाहिए के बारे में भी उपस्थित भक्तों को समझाया। सुदामा चरित्र की कथा को विस्तार से सुनाते हुए श्रीकृष्ण सुदामा की निश्छल मित्रता का वर्णन करते हुए बताया कि कैसे बिना याचना के कृष्ण ने गरीब सुदामा की स्थिति को सुधारा। इस अवसर पर मुख्य यजमान शोभनाथ मिश्र संतोष मिश्र, विनोद मिश्र, संतोष मिश्र, आचार्य सच्चिदानंद मिश्र, अनुज पाण्डेय, शिवराम सिंह जान्हवी नन्दन तिवारी, संदीप तिवारी, आनंद मिश्र, सुशील पाण्डेय, पवन तिवारी, अरूण तिवारी, जयशंकर पाण्डेय, महंत वृजमोहन दास सहित ग्रामीणों ने कथा का रसपान किया।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0