पूर्व पीएम केपी ओली की गिरफ्तारी से सियासी हलचल
- पुलिस ने शनिवार सुबह की पूर्व पीएम व पूर्व गृहमंत्री की गिरफ्तारी
पूर्व पीएम पर जेन-जी विरोध-प्रदर्शनों में कथित भूमिका का आरोप
काठमांडू। पिछले साल हुए जेन-जी विरोध-प्रदर्शनों में कथित भूमिका के आरोप में नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की गिरफ्तारी से सियासी हलचल मच गई है। यह कार्रवाई नई सरकार के सत्ता में आने के कुछ दिनों के अंदर हुई है। पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली के साथ पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को भी काठमांडू वैली पुलिस ने शनिवार सुबह को गिरफ्तार में लिया है।
नेपाल की नई सरकार स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई राजनीतिक बदले की भावना ने नहीं की गई बल्कि कानून के अनुसार की जा रही है। गृहमंत्री सुदर गुरुंग ने कहा कि वादा वादा होता है और कानून सबसे ऊपर है ऐसे में दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। वहीं पूर्व पीएम केपी ओली ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार देते हुए कहा कि वे कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
पिछले साल सितंबर में नेपाल में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़े पैमाने पर जेन-जी आंदोलन के नाम से विरोध प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शन के हिंसक रूप लेने के कारण महज दो दिनों में ५० से अधिक लोगों की मौत हो गई। इसी के बाद केपी शर्मा ओली की सरकार पर काफी दबाव बना और उनकी सरकार गिर गई थी। गठित उच्च स्तरीय जांच आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि उस समय सत्ता में बैठे उच्च अधिकारियों ने हालात नियंत्रित करने में लापरवाही बरती। आयोग ने केपी ओली, रमेश लेखक और नेपाल पुलिस के तत्कालीन महानिरीक्षक चंद्र कुबेर खापुंग समेत कई लोगों को जिम्मेदार ठहराया। रिपोर्ट में अधिकतम 10 साल तक की सजा की सिफारिश की गई थी। नई सरकार ने आयोग की सिफारिशों को लागू करने का फैसला लिया है। गृहमंत्री गुरूंग ने इसे न्याय की दिशा में पहला ठोस कदम बताया और कहा कि देश को नई दिशा देने के लिए दोषियों पर कार्रवाई जरूरी है।
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