ईरान पर अमेरिकी हमला: बंदर अब्बास और कोनार्क नेवल बेस तबाह, सैटेलाइट तस्वीरों से बड़ा खुलासा
अमेरिका ने ईरान के बंदर अब्बास और कोनार्क नेवल बेस पर भीषण हमला किया। सैटेलाइट तस्वीरों में भारी तबाही के संकेत। हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर संकट गहराया, जानें पूरी रिपोर्ट...
तेहरान। अमेरिका ने ईरान की नौसैनिक ताकत पर बड़ा हमला करते हुए उसके दो अहम नेवल बेस—बंदर अब्बास और कोनार्क—को निशाना बनाया है। हमलों के बाद सामने आई सैटेलाइट तस्वीरों में भारी तबाही के संकेत मिले हैं। इन तस्वीरों में बंदर अब्बास नेवल बेस पर तैनात जहाजों में आग और कई हिस्सों में घना काला धुआं उठता दिखाई दे रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरानी नौसेना की क्षमता को कमजोर करना इस कार्रवाई का प्रमुख उद्देश्य है। अमेरिका ने अब तक 10 ईरानी जहाजों को नष्ट करने का दावा किया है।
बंदर अब्बास नेवल बेस पर सबसे बड़ा असर
बंदर अब्बास ईरानी नौसेना का मुख्य हेडक्वार्टर है और यह रणनीतिक रूप से बेहद अहम हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित है।
सैटेलाइट तस्वीरों के विश्लेषण से पता चलता है कि—
- फ्लोटिंग डॉक को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
- पेट्रोल बोट और कई युद्धपोत क्षतिग्रस्त हुए हैं।
- एक फ्रिगेट साइज के वॉरशिप पर भी हमला हुआ है।
- कई इमारतें पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी हैं।
हालांकि रिपोर्ट के अनुसार, एक किलो क्लास पनडुब्बी और कुछ छोटी पनडुब्बियों को नुकसान नहीं पहुंचा है।
कोनार्क पोर्ट पर भीषण हमले
ईरान के सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत में स्थित कोनार्क पोर्ट पर भी भारी बमबारी की खबर है। यह पोर्ट प्रसिद्ध चाबहार बंदरगाह के पास स्थित है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक यहां मौज क्लास (जमरान क्लास) के वॉरशिप को निशाना बनाया गया। कई जंगी जहाज या तो नष्ट हो गए हैं या गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त बताए जा रहे हैं।
जवाबी कार्रवाई और हॉर्मुज स्ट्रेट पर संकट
रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान ने जवाबी कार्रवाई में हॉर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने का दावा किया है, जो दुनिया के सबसे अहम तेल आपूर्ति मार्गों में से एक है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है।
ईरान ने सऊदी अरब, कतर, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत जैसे खाड़ी देशों पर भी हमले करने का दावा किया है।
बढ़ता मानवीय संकट
पेंटागन ने 6 अमेरिकी सैनिकों की मौत और 18 के घायल होने की पुष्टि की है। इजराइल में 12 लोगों की मौत की सूचना है।
ईरान की राहत एजेंसी ईरान रेड क्रेसेंट के मुताबिक, हमलों में 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें सैनिकों के साथ बड़ी संख्या में आम नागरिक शामिल हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान में नेतृत्व परिवर्तन के बाद अंतरिम शासी परिषद का गठन किया गया है।
आगे क्या?
अमेरिका ने अपने बी-2 बॉम्बर्स के जरिए ईरान के अंडरग्राउंड परमाणु केंद्रों और मिसाइल भंडारण सुविधाओं को भी निशाना बनाया है। ट्रंप प्रशासन का कहना है कि यह युद्ध 4-5 हफ्तों या उससे अधिक समय तक चल सकता है। अमेरिका ने जमीनी सैनिक उतारने की संभावना से भी इनकार नहीं किया है।
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने पश्चिम एशिया को युद्ध के मुहाने पर ला खड़ा किया है। हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर बढ़ते खतरे से वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर गहरा असर पड़ सकता है। आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
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