कुशीनगर में गैस संकट गहराया
कुशीनगर में रसोई गैस की उपलब्धता के दावों के बावजूद उपभोक्ताओं को सिलिंडर नहीं मिल पा रहे हैं। बुकिंग और ओटीपी सिस्टम की दिक्कतों से लोग परेशान हैं।
कुशीनगर अचल वार्ता। उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिले में रसोई गैस की पर्याप्त उपलब्धता के प्रशासनिक दावों के बावजूद सिलिंडर की कमी दूर नहीं हो पा रही है।शनिवार को गैस गोदामों और एजेंसियों पर सुबह लाइन में लगे लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा हैं। पूर्ति विभाग के अनुसार, सिलिंडर लेने से पहले उपभोक्ताओं को रजिस्टर्ड मोबाइल फोन से नंबर से मिस्ड काल या संबंधित गैस एजेंसी पर रिफिल की बुकिंग कराना अनिवार्य है।
बुकिंग के बाद उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आने वाले ओटीपी के आधार पर दो से तीन दिन के भीतर सिलेंडर की आपूर्ति होगी। गोदाम से सिलेंडर लेने के समय उपभोक्ता को यह ओटीपी बताना जरूरी होता है, लेकिन सर्वर पर अधिक लोड होने के कारण कई बार ओटीपी या बुकिंग नहीं हो पा रही है, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर गोदामों के बाहर भीड़ बढ़ती ही जा रही है। जिले में करीब नौ लाख 24 हजार चार सौ 45 उपभोक्ता हैं, जिन्हें 96 गैस एजेंसियों के माध्यम से रसोई गैस उपलब्ध कराई जाती है।
गैस एजेंसी संचालक शशांक सिंह व जितेंद्र प्रसाद ने बताया कि गैस की आपूर्ति सामान्य है,कई लोग बिना बुकिंग के ही गोदाम पहुंच जा रहे हैं, जिससे अव्यवस्था की स्थिति बन रही है। उपभोक्ताओं को पहले बुकिंग करानी चाहिए, तभी उन्हें समय से सिलेंडर मिल सकेगा।
शादी समारोह, उपनयन संस्कार अथवा अन्य आयोजनों के लिए संबंधित एजेंसी पर कार्यक्रम बीतने के बाद दो दिन में आवदेक वापस करें, वरना प्रतिभूति राशि जब्त हो जाएगी। यह निर्देश शुक्रवार को जिला पूर्ति अधिकारी कृष्ण गोपाल पांडेय ने दिए थे।
इस संबंध में जिलाआपू्र्ती अधिकारी कृष्ण गोपाल पांडेय ने बताया कि आवेदकों को गैस एजेंसियों से कामर्शियल गैस सिलिंडर दिए जा रहे हैं, लेकिन कार्यक्रम समाप्त होने के उपरांत खाली टंकी समय से वापस नहीं किए जा रहे हैं। इस कारण गैस एजेंसियों को पुनः लोड प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है, जिससे अन्य उपभोक्ताओं को समय पर आपूर्ति उपलब्ध कराने में बाधा उत्पन्न हो रही है। इसलिए प्रयोजन समाप्त होने के दो दिन में खाली टंकी संबंधित एजेंसी को वापस कर दें।
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