पीलीभीत: गेहूं खरीद में लापरवाही और गन्ना भुगतान में देरी पर भड़के किसान

May 18, 2026 - 20:44
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पीलीभीत: गेहूं खरीद में लापरवाही और गन्ना भुगतान में देरी पर भड़के किसान
  • पंचायत में अवैध खनन व बिजली कटौती का मुद्दा भी उठा

पीलीभीत, अचल वार्ता। भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक की मासिक पंचायत सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर में जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई। पंचायत का संचालन पवन कुमार वर्मा ने किया। पंचायत में किसानों की विभिन्न समस्याओं को लेकर जोरदार चर्चा हुई और प्रशासन पर किसानों की अनदेखी का आरोप लगाया गया।

  पंचायत को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष मंजीत सिंह ने कहा कि जनपद के गेहूं खरीद केंद्रों पर किसानों की उपज नहीं खरीदी जा रही है। किसान कई दिनों तक केंद्रों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अधिकांश केंद्रों पर प्रभारी अनुपस्थित रहते हैं। 

   उन्होंने आरोप लगाया कि पहले लस्टर लॉस का बहाना बनाकर खरीद रोकी गई और अब बारदाने की कमी बताकर किसानों को परेशान किया जा रहा है। इससे किसान मजबूरी में अपनी उपज समर्थन मूल्य से कम कीमत पर व्यापारियों और सीड्स प्लांट संचालकों को बेचने को विवश हैं।उन्होंने कहा कि जिले की चीनी मिलें भी गन्ना किसानों का बकाया भुगतान नहीं कर रही हैं, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है। किसानों को अगली फसल की तैयारी, बच्चों की स्कूल फीस और घरेलू जरूरतों के लिए बाजार व बैंकों से कर्ज लेना पड़ रहा है। 

  उन्होंने मांग की कि गन्ना किसानों का बकाया भुगतान ब्याज सहित तत्काल कराया जाए।पंचायत में सहकारी समितियों और उर्वरक केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई गई। इसके अलावा तहसील कलीनगर और पूरनपुर क्षेत्र में हो रहे अवैध मिट्टी खनन पर भी किसानों ने नाराजगी जताई। किसानों का आरोप था कि अधिकारियों की मिलीभगत से कृषि भूमि को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

  ग्रामीण क्षेत्रों में हो रही अघोषित बिजली कटौती और आवारा गोवंशों से फसलों को हो रहे नुकसान पर भी पंचायत में रोष व्यक्त किया गया। पंचायत के बाद किसानों ने अपनी मांगों को लेकर जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर को सौंपा। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो कलेक्ट्रेट परिसर में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

पंचायत में रेशमा वर्मा, रामकृपाल, सर्वेश कुमार वर्मा, रुपराम वर्मा, तरसेम सिंह और रामरतन लाल सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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