हिंदी ही हमारे सनातन धर्म व संस्कृति की संवाहक : महंत केशवदास

Aug 17, 2025 - 19:26
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हिंदी ही हमारे सनातन धर्म व संस्कृति की संवाहक : महंत केशवदास
  • बैठक आयोजित कर हिंदी दिवस पर होने वाले कार्यक्रमों की तय की गई रूपरेखा

अचल वार्ता,अयोध्या। हिंदी प्रचार प्रसार सेवा संस्थान की ओर से रघुनाथ भवन वैद जी के मंदिर में रविवार को आयोजित हुई एक बैठक में 14 सितंबर हिंदी दिवस पर होने वाले कार्यक्रम की रूप रेखा तय की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए समाजसेवी कबीर मठ विज्ञान आश्रम के महंत केशव दास ने कहा कि हिंदी ही हमारे सनातन धर्म व संस्कृति की संवाहक है। हिंदी को राष्ट्रभाषा घोषित किए बिना देश की सभ्यता व संस्कृति सुरक्षित नहीं है। साथ ही हिंदी के बिना संपूर्ण और समृद्ध राष्ट्र की कल्पना अधूरी है।

   संस्थान के डा. बाबू राम मौर्य ने कहा कि हिंदी के राष्ट्रभाषा बने बिना भारत देश अधूरा है। उपाध्यक्ष विंध्यवासिनी शरण पांडिया ने कहा कि आगामी 14 सितंबर हिंदी दिवस पर संस्थान की ओर से तुलसी स्मारक भवन (रानी बाजार चौराहा) अयोध्या में आयोजित होने वाली संगोष्ठी, सम्मान समारोह व सांस्कृतिक कार्यक्रम में आप सभी की सहभागिता जरूरी है।

  संचालन करते हुए संस्थान के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. सम्राट अशोक मौर्य ने सभी साहित्य प्रेमियों का आभार प्रकट किया और सभी से कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की। इस दौरान समारोह को सुव्यस्थित संचालित करने के लिए विभिन्न समितियां गठित करने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया, जिसमें प्रमुख रूप से सम्मान समारोह की प्रतिभाओं को चुनने के लिए समिति गठित करने का निर्णय लिया गया l

  बैठक में वरिष्ठ समाजसेवी, सपा नेता विद्यालय के प्रबंधक, प्रधानाचार्य राम बक्स यादव, संस्थान की महिला शाखा प्रदेश महासचिव डा. अनुराधा मौर्य, वरिष्ठ पत्रकार नौशाद आलम, अनूप कुमार श्रीवास्तव, नौरंगी गुप्ता, समाजसेवी बसंत राम, मोहम्मद फरदीन, संस्थान की नगर प्रभारी महिला शाखा लक्ष्मी पांडेय, समाजसेवी अनुपमा जायसवाल, रेखा जायसवाल, शालिनी पांडेय, जियालाल कनौजिया, ओमप्रकाश सोनी, उच्च न्यायालय के अधिवक्ता मृगेंद्र पाल सिंह सहित तमाम साहित्य प्रेमी मौजूद रहे।

- ब्यूरो रिपोर्ट 

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