खरीफ 2026 से पहले उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डीएम ने दिए सख्त निर्देश

लखीमपुर खीरी में डीएम अंजनी कुमार सिंह ने खरीफ 2026 के लिए उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण और निगरानी की समीक्षा की। कालाबाजारी और अधिक मूल्य वसूली पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

May 13, 2026 - 19:41
May 14, 2026 - 05:53
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खरीफ 2026 से पहले उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए डीएम ने दिए सख्त निर्देश

लखीमपुर खीरी, अचल वार्ता। खरीफ सीजन 2026 से पहले जिले में उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था, निगरानी एवं किसानों को निर्धारित दर पर उर्वरक उपलब्ध कराये जाने के उद्देश्य से मंगलवार देर शाम को को कलेक्ट्रेट स्थित अटल सभागार में डीएम अंजनी कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय उर्वरक समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें कृषि, सहकारिता और गन्ना विभाग के अधिकारियों के साथ उर्वरक कंपनियों के प्रतिनिधि व थोक विक्रेता मौजूद रहे।

   डीएम अंजनी कुमार सिंह ने निर्देशित किया कि सभी उर्वरक विक्रेता प्रातः 9:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक बिक्री केन्द्र संचालित रखें तथा पीओएस मशीन के माध्यम से ही उर्वरकों का वितरण करें। किसानों से खतौनी एवं फार्म रजिस्ट्री की प्रति लेकर ही बिक्री की जाये। स्टॉक एवं वितरण रजिस्टर अद्यतन रखा जाये तथा विक्रय निर्धारित दरों पर ही किया जाये।

  बैठक में संतुलित उर्वरक उपयोग पर भी जोर दिया गया। डीएम ने अधिकारियों से कहा कि किसानों को पीएम प्रणाम योजना के तहत यूरिया के संतुलित प्रयोग और एनपीके उर्वरकों के इस्तेमाल के लिए जागरूक किया जाए। कृषि विज्ञान केंद्र की ओर से विभिन्न फसलों के लिए अनुशंसित उर्वरक मात्रा अपनाने की अपील की गई।

  डीएम ने दो टूक कहा कि उर्वरकों की कालाबाजारी, टैगिंग या निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने की शिकायत मिलने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। इसके लिए जनपद, तहसील और विकासखंड स्तर पर गठित निगरानी समितियों को सक्रिय रखने और नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए।

   बैठक में जिला कृषि अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह व सहायक आयुक्त एवं निबंधक (सहकारिता) ने अवगत कराया कि खरीफ 2026 हेतु जनपद में यूरिया, डीएपी, एनपीके, एमओपी एवं एसएसपी उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करायी जा रही है।

  सहकारिता, गन्ना एवं निजी क्षेत्र के माध्यम से विकासखण्डवार उर्वरकों का आवंटन किया गया है, ताकि किसानों को समय से उर्वरक उपलब्ध हो सके। भारत-नेपाल सीमावर्ती क्षेत्रों और प्रमुख खाद बिक्री केंद्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश देते हुए डीएम ने कहा कि शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए कंट्रोल रूम भी सक्रिय रखा जाए।

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