8वां वेतन आयोग: फिटमेंट फैक्टर 3.25 की मांग, सैलरी 58,500 तक!
8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों की बड़ी मांगें तेज। फिटमेंट फैक्टर 3.25, न्यूनतम वेतन 58,500, 12 फरवरी 2026 को देशव्यापी हड़ताल।
नई दिल्ली, अचल वार्ता।
केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। महंगाई, बढ़ते घरेलू खर्च और वेतन संशोधन में हो रही देरी के चलते कर्मचारी संगठनों की नाराजगी अब खुलकर सामने आने लगी है। इसी कारण 8वें वेतन आयोग को लेकर मांगें इस बार पहले से कहीं अधिक आक्रामक हो गई हैं।
कर्मचारी संगठन इतिहास की सबसे बड़ी वेतन और पेंशन वृद्धि की मांग कर रहे हैं, ताकि वास्तविक आय में सुधार हो सके। संगठनों का कहना है कि मौजूदा वेतन ढांचा बढ़ती महंगाई के सामने नाकाफी साबित हो रहा है।
फिटमेंट फैक्टर 3.25 करने की मांग
कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग फिटमेंट फैक्टर को 3.0 से बढ़ाकर 3.25 करने की है। यदि केंद्र सरकार इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लेती है, तो वर्तमान में 18,000 रुपये का न्यूनतम बेसिक वेतन बढ़कर करीब 58,500 रुपये तक पहुंच सकता है।
इसके साथ ही कर्मचारी संगठन सालाना 5 प्रतिशत वेतन वृद्धि की भी मांग कर रहे हैं।
लेवल-वाइज फिटमेंट स्ट्रक्चर का प्रस्ताव
कर्मचारी यूनियनों ने इस बार लेवल के अनुसार अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर लागू करने का प्रस्ताव रखा है—
- लेवल 1 से 5: 3.0
- लेवल 6 से 12: 3.05 से 3.10
- लेवल 14-15: 3.15
- लेवल 17-18: 3.25
यूनियनों का मानना है कि इससे जूनियर और सीनियर कर्मचारियों के वेतन में संतुलन बनेगा और वर्षों से चली आ रही वेतन विसंगतियां दूर होंगी।
7वें वेतन आयोग का हवाला
गौरतलब है कि 7वें वेतन आयोग में 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, जिसके तहत न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये तय हुआ था। उस समय यह वृद्धि संतोषजनक मानी गई थी, लेकिन वर्तमान में महंगाई ने उसकी पूरी भरपाई कर ली है।
12 फरवरी 2026 को राष्ट्रव्यापी हड़ताल
सरकार पर दबाव बनाने के लिए कर्मचारी संगठनों ने 12 फरवरी 2026 को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। हड़ताल में वेतन, पेंशन, सेवा शर्तों और श्रम सुधारों से जुड़े मुद्दे प्रमुख रूप से शामिल रहेंगे।
कर्मचारियों की अन्य प्रमुख मांगें
- 50% डीए को बेसिक पे में मर्ज किया जाए
- 1 जनवरी 2026 से 20% अंतरिम राहत
- एनपीएस/यूपीएस समाप्त कर ओपीएस बहाल हो
- कोविड काल के 18 महीने का फ्रीज डीए भुगतान
- कम्यूटेड पेंशन की बहाली
- खाली पदों पर शीघ्र भर्ती
- न्यूनतम पेंशन 9,000 रुपये
- जरूरी वस्तुओं पर जीएसटी हटाना
- निजीकरण का विरोध
अब सभी की निगाहें केंद्र सरकार के रुख पर टिकी हैं कि वह 8वें वेतन आयोग को लेकर इन मांगों को कितनी गंभीरता से लेती है।
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