मिडिल ईस्ट संकट पर भारत सक्रिय: पीएम मोदी की नेतन्याहू से बात, शांति और नागरिक सुरक्षा पर जोर

मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध संकट के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने इजरायल के प्रधानमंत्री से की बातचीत। उच्च स्तरीय बैठक में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा, तेल आपूर्ति और वैश्विक प्रभावों की समीक्षा, निकासी योजना भी तैयार।

Mar 2, 2026 - 12:05
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मिडिल ईस्ट संकट पर भारत सक्रिय: पीएम मोदी की नेतन्याहू से बात, शांति और नागरिक सुरक्षा पर जोर

नई दिल्ली, अचल वार्ता 

 मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारत ने शांति स्थापना के लिए सक्रिय कूटनीतिक पहल शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu से फोन पर बातचीत कर तत्काल युद्धविराम और संवाद के जरिए समाधान की अपील की। भारत ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा हालात में नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और हिंसा से दूर रहकर कूटनीतिक रास्ता अपनाया जाना चाहिए।

उच्च स्तरीय बैठक में हालात की समीक्षा

नई दिल्ली में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की उच्च स्तरीय बैठक हुई। इसमें रक्षा मंत्री Rajnath Singh, गृह मंत्री Amit Shah, विदेश मंत्री S. Jaishankar और वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman सहित शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में पश्चिम एशिया में फंसे भारतीयों की सुरक्षा, तेल आपूर्ति पर संभावित असर और वैश्विक आर्थिक प्रभावों की समीक्षा की गई।

यूएई नेतृत्व से भी चर्चा

प्रधानमंत्री मोदी ने Mohamed bin Zayed Al Nahyan से भी विस्तृत बातचीत की और यूएई पर हुए हालिया हमलों की निंदा की। भारत ने मुश्किल घड़ी में एकजुटता जताते हुए वहां रह रहे भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया। भारत का रुख साफ है कि क्षेत्रीय स्थिरता और वैश्विक शांति बनाए रखने के हर प्रयास का समर्थन किया जाएगा।

आकस्मिक निकासी योजना तैयार

सूत्रों के अनुसार, सरकार ने निर्देश दिए हैं कि यदि हालात और बिगड़ते हैं तो खाड़ी देशों से भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी के लिए आकस्मिक योजना तैयार रखी जाए। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval और तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ समन्वय कर सैन्य व कूटनीतिक तैयारियों का आकलन किया गया।

भारत का मानना है कि लंबे समय तक चलने वाला संघर्ष वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तनाव कम करने और संवाद की दिशा में ठोस कदम उठाने की अपील की गई है।

निष्कर्ष:

मिडिल ईस्ट संकट के बीच भारत संतुलित और सक्रिय कूटनीति के जरिए शांति, स्थिरता और अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दे रहा है।

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